हाथरस। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो यहां के लोगों को जल्द ही जाम से मुक्ति मिल सकती है। डीएम की अध्यक्षता में सोमवार शाम को हुई बैठक में किसान बाईपास के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हो गए हैं। इसके लिए 625 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर सहमति बनी है। किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इस बैठक में सादाबाद के विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि पिछले ढाई साल से आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और बाईपास की योजना मूर्त रूप में है। चौड़ीकरण तो लगभग पूरा है, लेकिन बाईपास में तमाम दिक्कतें एनएचएआई के सामने आ रही थी। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी भूमि अधिग्रहण को लेकर थी। बाईपास के लिए 65 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की जरूरत है और किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे। कई बार उनके साथ प्रशासन की बैठक भी हुई, लेकिन फिर भी बात नहीं बनी। पहले एनएचएआई 570 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा देने को तैयार थी, लेकिन किसान इस पर राजी नहीं हुए।
सोमवार को फिर किसानों की डीएम अनिल राजकुमार और एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी मौजूद थे। इस मौके पर डीएम ने कहा कि प्रशासन किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और किसानों को हर हालत में उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
एडीएम प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि बाईपास के निर्माण के लिए अधिग्रहीत जमीन के प्रभावित किसानों को यदि आबादी, व्यवसायिक, जमीन के किनारे के पेड़ आदि अन्य मसलों को लेकर आपत्ति हो तो वह हर दशा में 5 मई तक जिलाधिकारी के यहां अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर दें, जिससे कि इसकी राजस्व व एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से जांच कराई जा सके। बैठक में एनएचएआई के तकनीकि अधिकारी एसबी सिंह के अलावा मीतई, नगला उम्मेद, गढ़ी तमना, खौंड़ा हजारी, बाद अठवरिया, हतीसा भगवंतपुर, कुंवरपुर, नगला प्रताप, नगला बांस, लहरा, जोगिया आदि के किसान मौजूद थे।