हाथरस। मजहब की दीवार तोड़कर एक युवक के साथ गई युवती की हिफाजत में पुलिस पूरे दिन जुटी रही। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया। उसके बाद उसे स्थानीय कोर्ट में भी पेश किया, लेकिन वहां उसके बयान नहीं हो सके। इस युवती का कहना था कि वह बालिग है और जिस युवक के साथ गई थी, उसी के साथ रहना चाहती है। उसका यह भी कहना था कि उसे और उसके प्रेमी के परिजनों को उसके घरवालों से खतरा है। हाथरस गेट थाना क्षेत्र के एक गांव में एक माह पहले एक छात्रा गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। उस समय इस छात्रा के पिता ने इस युवक के खिलाफ अपनी पुत्री को बहला-फुसला कर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों अलग-अलग समुदाय के थे, इसलिए गांव में तनाव भी व्याप्त था। उसके बाद यह लोग हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे तो कोर्ट ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। अब मंगलवार को यह युवती हाथरस गेट थाने पहुंच गई। वहां थाना पुलिस ने उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया। उसके बाद उसे कोर्ट भी ले गई। इधर, उसके परिजनों को जब यह पता चला कि वह आ गई थी तो वह भी कोर्ट पहुंच गए। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए इस युवती की कड़ी निगरानी की। हालांकि मंगलवार को उसके बयान स्थानीय न्यायालय में दर्ज नहीं हो सके। फिलहाल, वह पुलिस की निगरानी में है। एसओ हाथरस गेट नित्यानंद का कहना है कि युवती बालिग है। कोर्ट केे आदेश पर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है और फिर उसके कोर्ट में बयान होंगे। फिर स्थानीय कोर्ट का जो फैसला होगा। अगली कार्रवाई उसी के आधार पर होगी।