दोहरीघाट। घाघरा का जलस्तर घटने के बाद भी तटवर्ती इलाकों में मुश्किलें कायम हैं। जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। धनौली रामपुर के सामने नागा बाबा की कुटी के सामने कटान जारी रहने से ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडरा रहा है। कटान से बचाव के लिए प्रशासन कुछ भी नहीं कर रहा।
जलस्तर में घटाव के बाद भी धनौली रामपुर में कटान जारी है। धनौली रामपुर के सामने नागा बाबा की कुटी के आसपास कटान जारी रहने से लोगों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। प्रतिदिन उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो रही है। लोग चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। गौरीशंकर घाट पर नदी खतरे के निशान 69.90 मीटर से ऊपर बह रही है। यहां नदी का जलस्तर मंगलवार को 70.12 मीटर था। इसमें बुधवार को पांच सेमी का घटाव दर्ज किया गया। इधर, कस्बे के तीन मोहल्लों भगवानपुरा, दलित बस्ती तथा मल्लाह टोला में बाढ़ का पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मुहल्ले से बाढ़ का पानी निकालने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। प्रशासनिक लापरवाही की स्थिति यह है कि लोग मलेरिया, बुखार, टायफायड, खांसी सहित तमाम संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम तक नहीं भेजी जा सकी है। झाड़ फूंक के सहारे इलाज कराने को विवश हैं। कटान जारी रहने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला पर खतरा बरकरार है। वहीं घाघरा के घटते बढ़ते रहने के क्रम से तटवर्ती इलाके के लोग परेशान हैं।