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बदनीयत बुजुर्गों से आखिर क्या सीखें युवा

Mau Updated Mon, 25 Mar 2013 05:30 AM IST
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कहा जाता है कि बड़े बुजुर्गों से सीख लेकर युवा वर्ग के अंदर सामाजिकता और संस्कारों का बोध होता है। लेकिन एक पखवारे के भीतर जिले भर में महिलाओं और किशोरियों के साथ अधेड़-बुजुर्गों द्वारा किए गए अपराधों या लगे आरोपों ने इस ओर सोचने पर विवश कर दिया गया है कि आखिर अब अधेड़ और बुजुर्ग वय को किस संस्कारशाला में भेज कर उन्हें रास्ते पर लाया जाए। वहीं प्रबुद्ध वर्ग के लोग भी चिंतित हैं कि पूर्वांचल के इस छोटे और पिछड़े जिले के लोगों के बीच सामाजिक और नैतिक मूल्यों का ह्रास ऐसे रूप में क्यों हो रहा है। प्रस्तुत है पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी की एक रिपोर्ट
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केस- 1
60 साल का वृद्ध दो की छात्रा के लिए बना हैवान
घोसी कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को कक्षा दो में पढ़ने वाली सात वर्षीय छात्रा को साठ वर्षीय वृद्ध ने हैवानियत का शिकार बनाना चाहा। लेकिन छात्रा किस्मत से बच गई। एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।

केस- 2
कक्षा सात की छात्रा के साथ धराया बुड्ढा
मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में बीते पंद्रह मार्च को एक गांव के ट्यूबवेल में कक्षा सात की छात्रा के साथ दुष्कर्म करते हुए एक बुजुर्ग रंगे हाथ पकड़ा गया। ग्रामीणों ने पहले तो उसकी धुनाई की। फिर उसके मुंह पर कालिख पोत कर पूरे गांव में घुमाया। मामला पुलिस के पास नहीं गया। लेकिन घटना के बाद पीडि़ता अपनी मां के साथ एक रिश्तेदार के यहां है।
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केस- 3
कक्षा एक की दो छात्राओं के साथ दुराचार का आरोप
हलधरपुर थाना क्षेत्र में कक्षा एक में पढ़ने वाली दो मासूमों की माओं ने गांव के ही एक बुजर्ग व्यक्ति पर दोनों बच्चियों के साथ 15 मार्च को दुराचार करने का आरोप लगाया। थाना जाने पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।

केस- 4
प्रभारी पर दर्ज हुआ अश्लीलता का मुकदमा
नगर के रोडवेज डिपो में कार्यरत एक महिला लिपिक की तहरीर पर डिपो के प्रभारी अधिकारी (अधेड़) पर 21 मार्च को शहर कोतवाली में अश्लीलता का मुकदमा दर्ज हुआ। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी हो रही है।

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक
पथ प्रदर्शकों की कमी और संस्कारशालाओं के अभाव में नैतिक और सामाजिक मूल्यों का पतन हो रहा है। डाक्टरी, इंजीनियरिंग की पढा़ई हर जगह कराई जाती है। लेकिन नैतिक मूल्य क्या हैं, क्या उचित है, क्या अनुचित। यह कहीं नहीं पढ़ाया जाता है। अच्छी मनोवृत्ति के समाज के लिए व्यक्ति को अच्छे कार्य करने हाेंगे। जो उसके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे। इससे वह बुरी चीजों से विमुख होगा। कहा कि मैं महिलाओं को समाज से अलग नहीं मानता। भ्रष्टाचार, बलात्कार यह सब एक ही मनोवृत्ति के लोग करते हैं। इसके पीछे नशा एक प्रमुख कारण है। चाहे वह शराब का हो या तंबाकू का या किसी और का। किसी भी किस्म का नशा व्यक्ति की मानसिकता को नकारात्मक बनाता जाता है। जिसके चलते वह भ्रष्टाचार, बलात्कार, अपराध जैसी घटनाओं में संलिप्त हो जाता है। बात करें अधेड़ या बुजुर्ग वर्ग के लोगों के अंदर नैतिक मूल्यों के पतन की, तो भाई जो जैसा सीखा रहेगा वह वैसा ही करेगा न। बलात्कार जैसे सामाजिक अपराध से बचाव के लिए जरूरी है लोग संवादहीनता को खत्म करें, अच्छे कार्यों में ऊर्जा लगाएं, सही-गलत में विभेद पैदा करने की सामर्थ्य विकसित करें। अपने अंदर उत्पन्न होने वाले मनोविकारों के बारे में परामर्श लें। नकारात्मक, विकृत या हताश मानसिकता के लोग मुझसे भी खुशहाली हेल्पलाइन नंबर 8896970119 पर मार्गदर्शन के लिए संपर्क कर सकते हैं। याद रखें, अच्छे कार्य, अच्छी संगत, सही सोच, मानवीय ऊर्जा का सदुपयोग ही आदमी को विकृतियों से दूर रख सकते हैं।
- प्रो. संजय गुप्ता, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी।

क्या कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता
सबसे पहले मैं यह कहना चाहूंगी कि मामलों को सही तरीके से कानून के समक्ष लाया जाए। महज किसी से बैर भाव रखने के चलते आरोप न लगाए जाएं। पुलिस संवेदनशील बनें। रही बात अधेड़ और बुजुर्ग उम्र के लोगों के ऐसे मामलों में आरोपी बनने की तो सामाजिक मूल्यों में गिरावट तो आई ही है। जिसे समाज के सामूहिक प्रयास से ही सही किया जा सकता है। इसके लिए हर एक को अपनी मनोवृत्ति को सकारात्मक बनाना होगा।
- अर्चना उपाध्याय, समाजसेविका।
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