मेरठ। नगर में सफाई व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। कई मोहल्लों में लंबे समय से सफाई नहीं हो रही है। कुछ स्थानों पर नालियों की सफाई करने के बाद कूड़ा सड़कों पर ही छोड़ दिया जा रहा है। दोनों ही स्थितियों में समस्या मोहल्ले के लोगों को झेलनी पड़ रही है। बार-बार शिकायत के बाद भी नगरायुक्त इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कंकरखेड़ा स्थित गोविंदपुरी कालोनी के रमनप्रीत ने बताया कि नाले की सफाई के बाद कूड़ा सड़कों पर ही छोड़ दिया गया है। आवारा पशुओं ने कूड़ा सड़कों पर फैला दिया है। इससे दुर्गंध फैल रही है। पार्षद और निगम अधिकारी शिकायत के बाद भी समाधान नहीं कर रहे हैं। गगन विहार के मुकेश सैनी ने कहा कि दस दिन पहले नालों से सिल्ट निकालकर सड़कों पर डाली गई थी। गंदगी सड़क पर फैलने से लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है। शिवपुरी के आयुष ने बताया कि कालोनी में सफाईकर्मी नहीं आ रहे हैं। इससे नालियां कूडे़ से अटी हुई हैं। नालियों का गंदा पानी गलियों में भरा पड़ा है। रुड़की रोड के आनंद गर्ग ने बताया कि लंबे समय से कुबेर स्कूल के सामने कूड़ा डाले जाने से खत्ता बन गया है। निगम अधिकारियों और हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इंद्रा नगर ब्रह्मपुरी निवासी राजीव सक्सेना ने कहा कि नंदी चौक के पास गलियों में कूड़ा भरा है। गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। पार्षद ने समस्या का समाधान नहीं किया। लोहिया नगर स्थित कांशीराम आवास कालोनी के शाहिद सैफी ने बताया कि कालोनी में कोई सफाईकर्मी नहीं आ रहा है। गंदगी अधिक होने से मच्छर पनप रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर कई बार शिकायत की जा चुकी है।
चार दिन से जलापूर्ति बाधित
क्षेत्र में चार दिन से जलापूर्ति बाधित है। जल निगम और नगर निगम के अधिकारियों को कई बार फोन किया गया, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। क्षेत्र में गंदे पानी की भी आपूर्ति हो रही है। कुछ देर बाद ही पानी बदबूदार हो जाता है।
-नूरजहां, ऊंचा सद्दीकनगर
रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिला कब्जा
यू पाकेट में प्लाट संख्या 319 की दिसंबर 2005 में रजिस्ट्री कराई थी, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कब्जा नहीं दिलाया गया। इस बारे में कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। हर बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है।
कमलकांत शर्मा, गंगानगर
सड़क से ऊंचा बना दिया पुल
क्षेत्र में पुल का निर्माण किया गया है। इसकी ऊंचाई सड़क से लगभग एक फीट अधिक है। इससे कई बार वाहन चालक घायल हो चुके हैं। लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
-फखरुद्दीन, रसूलपुर औरंगाबाद
टूटी सड़कों पर चलना हुआ मुहाल
शास्त्री नगर निवासी महेंद्र सिंह ने कहा कि तेजगढ़ी से हापुड़ रोड को जाने वाली सड़क पर सिर्फ एक ओर निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पर कई स्थान पर गड्ढे हैं। इससे लोग चोटिल हो रहे हैं। वहीं सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार प्रस्ताव पारित नहीं होने की बात कह रहा है। रिठानी के विक्रम पंवार का कहना है कि पूठा मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। अधिकारियों को कई बार शिकायत भेजी जा चुकी है। शालीमार गार्डन निवासी अरुण गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में सड़कें टूटी हुई हैं। इन पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। श्यामनगर निवासी ताबिश जमाल का कहना है कि 1988 में क्षेत्र में सड़क का निर्माण हुआ था जो जर्जर हो चुकी है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। श्रद्धापुरी निवासी सुधीर ने कहा कि दांतल मार्ग का निर्माण कराने के बाद इंटरलॉकिंग के लिए दोनों ओर चार-चार फीट खुदाई कर छोड़ दी गई है। दो माह से यहां कार्य नहीं हुआ है। कई लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं।
वसूली से लग रहा जाम
टीपीनगर निवासी शशिकांत शर्मा ने बताया कि सादी वर्दी में पुलिस वाले चौराहे पर रोजाना खडे़ रहते हैं। गाड़ियों के बाहरी नंबर देखकर उन्हें रोक लिया जाता है। चालकों को चेकिंग के नाम पर परेशान कर वसूली की जा रही है। इससे जाम भी लग जाता है। वैली बाजार के प्रतीक ने कहा कि पुलिसकर्मी वसूली कर नो एंट्री जोन में टेम्पो को भेज देते हैं। इससे वैली बाजार से कबाड़ी बाजार तक जाम लगा रहता है। कचहरी गेट पर जूस की दुकान करने वाले जयचंद ने बताया कि सड़क के बीच में ही टेम्पो खडे़ किए जा रहे हैं। पुलिसकर्मी कार्रवाई के बजाय वसूली कर चालकों को छोड़ देते हैं।