मेरठ। पदोन्नति में आरक्षण बिल के विरोध में कर्मचारियोें ने उग्र रूप अपना लिया है। बुधवार को कर्मचारियों ने भाजपा कार्यालय को निशाना बनाया। मेरठ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आवास पर पोस्टर, बैनर फाड़ दिए। कालिख पोतने की कोशिश की। कर्मचारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में लात घूंसे भी चले। जैसे तैसे पुलिस ने कर्मचारियों पर काबू पाया। बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत आदि जिलों में भी पुतले फूंके गए। कर्मचारियों ने धरना दिया।
मेरठ में कर्मचारी नेता सीपी सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों का एक जत्था ऊर्जा भवन से चलकर न्यू मोहनपुरी स्थित डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आवास पर पहुंचा। वाजपेयी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गलियों में लगे भाजपा के होर्डिंग्स फाड़ डाले। आवास के गेट पर कालिख पोतने की कोशिश की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोकने की कोशिश की जो दोनोें ओर से जमकर लात घूंसे चले। वहां तैनात पीएसी ने किसी तरह कर्मचारियों पर काबू पाया। कर्मचारियों ने कमिश्नरी चौपले पर प्रधानमंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुतला फूंका और बेगमपुल पर जाम लगाकर प्रदर्शन भी किया।
मुजफ्फरनगर में शिवचौक पर आरक्षण का समर्थन करने वाले मंत्रियों का पुतला दहन किया। भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की और पार्टी के झंडे में आग लगाने की कोशिश की। बिजनौर में विकास भवन और कलेक्ट्रेट गेट पर तालाबंदी करते हुए कांग्रेस, भाजपा, बसपा और रालोद के खिलाफ नारेबाजी की।
सहारनपुर में भाजपा कार्यालय पर तोड़फोड़ की और बसपा सांसद जगदीश राणा एवं भाजपा शहर विधायक राघव लखनपाल के आवास पर प्रदर्शन किया। नेम प्लेट पर कालिख पोत दी। विकास भवन, कलेक्ट्रेट सहित सभी सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी करते हुए कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट तिराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस, भाजपा, बसपा का प्रतीक पुतला फूंका।