मेरठ। समाजवादी पार्टी में जिले में उथलपुथल का दौर चल रहा है। पार्टी के प्रत्याशी शाहिद मंजूर के बयान ने नए विवाद को जन्म दिया तो अब कार्यकर्ताओं की निगाहें प्रभारी मंत्री की खुफिया रिपोर्ट पर टिकी हुई है। कहा जा रहा है कि पार्टी में इस रिपोर्ट के बाद संगठन में कुछ लोगों को समायोजित किया जा सकता है। इसके पीछे आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को मजबूत करने की कवायद है।
सपा ने राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर को मेरठ सहित तीन अन्य लोकसभा सीटों का प्रभारी बनाया हुआ है। मेरठ को लेकर रामसकल दो बार कार्यकर्ताओं की बैठक कर चुके हैं और अभी उनकी फिर से बैठक होनी है। पार्टी के प्रत्याशी को मजबूत करने के लिए उन्होंने पार्टी के सभी धड़ों से मुलाकात की है। इसके बाद माना जा रहा है कि पार्टी में संगठन स्तर पर कुछ बदलाव हो सकता है। मेरठ में मुस्लिमों में अंसारी बिरादरी के वोटों की संख्या अच्छी खासी है। इस बिरादरी के किसी नेता को कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है। गुर्जर बिरादरी के वोटों को देखते हुए कई गुर्जर नेताओं ने बड़ी जिम्मेदारियों के लिए अपनी दावेदारी ठोकी है। मेरठ में सपाइयों के कई गुट हैं। संभावना है कि नए फेरबदल में सभी गुटों के लोगों को समायोजित किया जाएगा। कुछ पुराने कार्यकर्ताओं को भी संगठन में लाया जा सकता है। हालांकि पूरी कवायद में मेरठ में सपा की गुटबाजी ही सबसे बड़ा रोड़ा बनेगी। प्रभारी मंत्री रामसकल गुर्जर का कहना है कि उनकी प्राथमिकता पार्टी के प्रत्याशी को चुनाव में जीत दिलवाने की है। उन्होंने कहा कि समीक्षा के बारे में खुफिया रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को सौंपी जाएगी। अभी से कुछ नहीं कहा जा सकता है।
डा. सरोजिनी ने दिखाया दम
अपनी विदेश यात्रा से सपा के कैबिनेट मंत्री आजम खां सीधे मेरठ डा. सरोजिनी अग्रवाल के घर पहुंचे। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि आजम खां की इस यात्रा से सरोजिनी ने यह दिखा दिया कि पार्टी के बड़े नेताओं में उनकी पकड़ कितनी मजबूत है।