एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

लाइसेंस के मुकाबले पांच गुना अधिक मीट दुकानें

Meerut Updated Mon, 14 Apr 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

मेरठ। महानगर में भले ही फुटकर में मीट बेचने के लिए 250 लोगों को लाइसेंस दिया गया हो लेकिन शहर में इससे पांच गुना अधिक दुकानों में मीट बेचा जा रहा है। ये एक हजार अवैध दुकानें किसके ‘रहम’ पर चल रही हैं, यह तो जांच का विषय है लेकिन इतना जरूर है कि नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जिम्मेदार हैं कि कुंभकर्णीय नींद सोए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की मानें तो महानगर में प्रतिदिन 350 भैंस के मीट की खपत है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रतिदिन 500 से अधिक भैंस के मांस की खपत होती है। नगर निगम की ओर से मीट बेचने के लिए 250 लाइसेंस दिए हैं। जबकि दुकानें 1200 से भी अधिक हैं। इतना ही नहीं इन दुकानों में खुले में मीट बेचा जाता है। इसको लेकर कई बार विवाद भी हुए लेकिन निगम प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
वर्जन
मीट विक्रेताओं को लाइसेंस दिए गए हैं। शिकायत मिलने पर बगैर लाइसेंस वाली मीट की दुकानों को बंद भी कराया जाता रहा है। अब सभी दुकानों पर लाइसेंस की जांच की जाएंगी।
विज्ञापन

- डॉ. राजवीर सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें