मेरठ। ऊधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच एक बार फिर गैंगवार छिड़ने से पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। योगेश भदौड़ा को जिला जेल में ही नजरबंद किया जा रहा है। एसएसपी ने जेल प्रशासन को पत्र भेजकर योगेश की पेशी जेल के अंदर ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराने की बात कही है। अंदेशा जताया है कि वह कस्टडी से फरार हो सकता है। इसलिए उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए।
सरूरपुर थाना अंतर्गत भदौड़ा गांव निवासी योगेश भदौड़ा और करनावल निवासी उधम सिंह के बीच खूनी अदावत किसी से छिपी नहीं है। योगेश के भाई प्रमोद को भदौड़ा गांव में दिनदहाड़े गोलियों से छलनी करना, उधम पर गाजियाबाद कचहरी में जानलेवा हमला, करनावल में उधम पक्ष के तीन लोगों की हत्या, भदौड़ा के ही डॉक्टर की पिछले दिनों हत्या, कचहरी में दिनदहाड़े नितिन उर्फ गंजा की हत्या और रविवार रात सरधना में डबल मर्डर। इनके अलावा आधा दर्जन अन्य लोगों की हत्या की कहानी इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमती है। खासकर कचहरी और सरधना डबल मर्डर के बाद से गैंगवार और गहरी होने के अंदेशे के चलते इस पर अंकुश की तैयारी शुरू की गई है।
सोमवार को एसएसपी ओंकार सिंह की तरफ से जेल प्रशासन को भेजे गए पत्र में योगेश भदौड़ा के पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार होने का अंदेशा जताया गया। पत्र में कहा गया है कि भदौड़ा को जेल से बाहर पेशी पर न भेजा जाए। उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी के अनुसार इन आदेशों का पालन कराया जा रहा है।
भदौड़ा, उधम से जुड़े केसों की समीक्षा:
आईजी जोन आलोक शर्मा ने गैंगवार व कानून-व्यवस्था को लेकर डीआईजी रेंज और एसएसपी के साथ विशेष बैठक की। आईजी ने गैगों की कमर तोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके लिस्टेड सदस्यों की तलाश की जाए। ऊधम और योगेश भदौड़ा के बीच खूनी अदावत पर नजर रखी जाए। आईजी ने बताया कि योगेश और ऊधम से जुड़े सभी प्रमुख केसों की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। देखा जाएगा कि इन केसों में गवाहों की क्या स्थिति रही। प्रमोद भदौड़ा का मर्डर और करनावल में तिहरे हत्याकांड की जांच को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। पुलिस की कोशिश यही रहेगी कि इन हत्याओं के जो भी दोषी हैं, उन्हें कानून के दायरे में रहकर सजा दिलाई जाए।
डीआईजी रेंज ने किया निरीक्षण:
डीआईजी के. सत्यनारायणा ने सोमवार को कचहरी और जेल का निरीक्षण किया। डीआईजी ने कचहरी पहुंचकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। उन्हें कचहरी के सुरक्षा प्लान के बारे में बताया। कचहरी परिसर के अलावा सदर और सेशन हवालात की सुरक्षा का जायजा लिया। बंदियों को पेशी पर लाने-ले जाने के दौरान पुलिस की सुरक्षा चेक की। साथ ही जेल में पहुंचकर बंदियों को जेल से कचहरी ले जाने की प्रक्रिया देखी। करीब 15 मिनट तक जेल में रहे डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को पेशी के दौरान सतर्कता बरतने के टिप्स दिए।
----------
गवाहों में दहशत:
डॉ. सुभाष मलिक और नितिन उर्फ गंजा दोनों ही हत्या के मामलों में गवाह थे। सिलसिलेवार इनकी हत्या के बाद से गवाहों में दहशत है। सोमवार को डेढ़ दर्जन सशस्त्र पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में योगेश भदौड़ा की विभिन्न न्यायालयों में पेशी हुई। स्पेशल एडीजे कोर्ट में गैंगेस्टर के चार केसों की पेशी में कोई गवाह नहीं आया। एक अक्तूबर की तारीख लगी। एडीजे 15 कोर्ट में कंकरखेड़ा के हत्या के केस में कोई गवाह नहीं पहुंचा। अगली तारीख 22 सितंबर लगी। एसीजेएम प्रथम कोर्ट में कंकरखेड़ा के केस में भी कोई गवाह नहीं आया। तारीख 17 सितंबर लगी है।