नोएडा। मध्य वर्गीय परिवारों के लिए पी चिदंबरम का बजट थोड़ी खुशी थोड़ा गम लाने वाला है। आयकर में ज्यादा छूट की आस लगाए बैठा सर्विस क्लास मात्र 2 हजार रुपये की छूट देने को झुनझुना बता रहा है। नोएडा जैसे शहरों में रहने वाले लोगों के परिवार का साल भर का खर्च करीब सात से आठ लाख रुपये है। इसमें वह बचत भी नहीं कर पाता। ऐसे में सरकार को चार से पांच लाख रुपये तक आयकर में छूट तो देनी ही चाहिए थी। नोएडा के सेक्टर-47 में रहने वाले 6 लोगों के शर्मा परिवार को यह बजट प्रभावी नहीं लगा। परिवार के मुखिया दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी आय और बेटे अजय शर्मा की सैलरी से अधिक घर खर्च है। बच्चे आरती और आदित्य की फीस भरने के लिए अन्य कटौतियां करनी पड़ती हैं। अगर पहले की सेविंग न हुई होती तो घर चलना मुश्किल था। सर्विस टैक्स पर बढ़ोत्तरी के कारण पेट्रोल, रेस्तरां का बिल आदि ज्यादातर वस्तुएं महंगी होंगी। हालांकि, होम लोन पर छूट देकर सरकार ने अच्छा काम किया है।
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परिवार दिनेश चंद्र शर्मा सदस्य 6
बजट के पहले बजट के बाद महीने के अनुसार अंतर
परिवार की कुल आय 70000 अंतर नहीं
टैक्स में फायदा 0 360 रुपये का फायदा
घर का राशन 10000 अंतर नहीं
दूध पर खर्च 6000 अंतर नहीं
सिलेंडर 930 अंतर नहीं
बिजली 2000 अंतर नहीं
मेडिकल 2500 अंतर नहीं
2 बच्चों की स्कूल-ट्यूशन फीस 8000 अंतर नहीं
महीने में दो बार बाहर खाना 2500 200 रुपये खर्च बढ़ेगा
पेट्रोल-डीजल का खर्च 7500 अंतर नहीं
मोबाइल और टेलीफोन 2000 अंतर नहीं
होम लोन 12000 कोई फायदा नहीं
सब्जी, नाश्ता और अन्य खर्च 15000 1000 रुपये का नुकसान
कुल 68430 69270
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कुल नुकसान 840 रुपये
खट्टा-मीठा है यह बजट
महंगाई के साथ-साथ लोगों की आय भी बढ़ी है। पिछले साल की अपेक्षा 2 से 5 लाख तक के स्लैब में लोगों को दो हजार रुपये की छूट का प्रावधान किया गया है। 25 लाख तक के होम लोन पर डेढ़ के बजाय ढाई लाख की छूट मिली है। मोबाइल, रेस्त्रां में खाना और अन्य कुछ चीजें महंगी हुई हैं तो बहुत सी सुविधाएं भी सरकार ने जुटाई हैं। आम नागरिकों के लिए ओवरऑल बैलेंस बजट है। जिसमें महिलाआें की सुरक्षा, इंडस्ट्रियल ग्रोथ, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विजय कुमार भल्ला (चार्टर्ड एकाउंटेंट)