रायबरेली। लखनऊ जोन के पुलिस महानिरीक्षक सुभाषचंद्र ने शुक्रवार को वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस महकमे की व्यवस्था को खंगाला तो उन्हें कई जगह खामियां नजर आईं। मानक के अनुरूप परेड होती नहीं मिली तो पुलिस कार्यालय में अभिलेखों के कार्य अधूरे मिले। इस पर उन्होंने पुलिस कर्मियों को फटकार लगाई और कहा कि अभिलेखों के कार्य को पूरा कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पुलिस कर्मियों को नए कानूनों की जानकारी देने के लिए वर्कशाप का आयोजन करने की बात कही। चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं पर आईजी न सिर्फ गंभीर हुए, बल्कि घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए। कहा कि कानून नियंत्रण में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सबसे पहले आईजी ने सुबह पुलिस लाइंस में परेड का निरीक्षण किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परेड में किसी की वर्दी सही नहीं थी तो कोई परेड सही तरीके से नहीं कर पा रहा था। इस पर आईजी खफा हुए। यहां के बाद पुलिस कार्यालय पहुंचकर वहां के अभिलेखों को खंगाला तो वहां पर भी कमियां मिलीं। अभिलेख दुरुस्त नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान पता चला कि पुलिस कर्मी अभिलेखों की इंट्री करने के कार्य को तवज्जो नहीं ले रहे हैं। इस पर उन्होंने फटकार लगाई।
निरीक्षण के बाद आईजी पुलिस लाइंस के सभागार में मीडिया से रूबरू हुए। यहां उन्होंने पुलिस लाइंस में परेड के मानक के अनुरूप न मिलने और जवानों में अनुशासन की कमी होने की बात स्वीकारी। कहा इसमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पुलिस कार्यालय में अभिलेखों के कार्य पूरा करने में भी ढिलाई बरती जा रही है। अभिलेखों के कार्य पूरा कराने के लिए जल्द दो महीने का अभियान चलाया जाएगा।
आईजी ने कहा कि पुलिस कर्मियों को नए कानूनों की जानकारी देने और धाराओं के ज्ञान के लिए पुलिस लाइंस में वर्कशाप होगी। पुलिस कर्मियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि मुकदमा सही धाराओं में लिखा जाए। शहर में बढ़ती चेन स्नेचिंग की घटनाओं के सवाल पर आईजी ने कहा कि फैजाबाद जिले में चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाया गया है। प्रयास है कि यहां भी ऐसी घटनाएं न हों। इस मौके पर एसपी राजेश पांडेय, एएसपी राजेश कुमार, प्रतिसार निरीक्षक रामकृष्ण मिश्र मौजूद रहे। इसके बाद आईजी ने पुलिस लाइंस के सभागार में सीओ और थानेदारों की बैठक भी ली। इसमें थानेदारों की तैनाती में आरक्षण व्यवस्था न लागू होने की बात उठाई गई। आईजी ने कहा कि आरक्षण के तहत थानों पर थानेदारों की तैनाती होती है।