भदोही। केंद्रीय कपड़ा मंत्री डा. के एस राव ने कहा कि कालीन उद्यमियों के लिए सरकार विदेशों में वेयर हाउस खोलेगी। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष में 5800 करोड़ के भारतीय कालीन निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही कपड़ा मंत्री ने आश्वस्त किया कि हैंडलूम बुनकरों को मिल रही सुविधाएं कालीन बुनकरों को भी दी जाएंगी।
राव रविवार को एकमा के कालीन भवन मे सीईपीसी और एकमा सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ की लागत से लैटिन अमरीका के उरुग्वे और ब्राजील में वेयर हाऊस खोले जाएंगे। इससे निर्यातक विदेशों में अपना माल रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि बताया गया है कि जो सुविधाएं हथकरघा बुनकरों को मिल रही हैं, उसमें कालीन बुनकर शामिल नहीं है। ऐसे में ये सुविधाएं दोनों सेक्टरों के लिए होंगी।
डा. राव ने कहा कि बुनकरों को छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिए जाने के प्रावधान किए जा रहे हैं। मनरेगा के मजदूरों को किस प्रकार कालीन उद्योग से जोड़ा जा सकता है इस बारे में विचार हो रहा है। राष्ट्रीय स्वाथ्य बीमा योजना का लाभ, जो अब तक केवल हथकरघा बुनकरों के लिए था, वह अब कालीन बुनकरों को भी मिलेगा।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह, विकास आयुक्त हस्तशिल्प एसएस गुप्ता, सीईपीसी ईडी एसके गुप्ता, जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय, मडि़हान विधायक ललितेशपति त्रिपाठी, विनय कपूर, हाजी अब्दुल हादी, एकमा अध्यक्ष ओएन मिश्र आदि ने भी विचार रखे। इसके पूर्व कालीन भवन पहुंचने पर मुस्तफा खां, हाजी नसरुल्लाह अंसारी, उमेश कुमार गुप्ता, भरतलाल मौर्य, एसी बरनवाल, ओएन मिश्र बच्चा, घनश्याम शुक्ला आदि ने कपड़ा मंत्री का स्वागत किया। संचालन तनवीर हुसैन अंसारी ने किया।