अमरोहा। मनरेगा मजदूरी के गोलमाल में घिरे नीलीखेड़ी के ग्राम प्रधान मुदस्सिर पर हमदर्दी में जिलाधिकारी भवनाथ फंस गए है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर उनपर अवहेलना की तलवार लटक गई है। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर जांच कर पूरे मामले की रिपोर्ट देने के आदेश दिए है।
जोया ब्लाक के ग्राम नीलीखेड़ी के प्रधान मुदिस्सर पर परिजनों की मिलीभगत से जॉब कार्ड की हेराफेरी से लाखों रुपये की मजदूरी हड़पने के आरोप है। जाहिद पुत्र जुम्मा द्वारा सुबूतों के साथ की गई शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच की थी लेकिन उन्होंने ने तथ्यों को तोड़मरोड़ कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। सवाल खड़े होने पर तीन अधिकारियों की निगरानी में गठित टीम ने जांच की तो प्रधान का दामन हकीकत में दागदार निकला। लेकिन, अफसरों द्वारा मामले में कार्रवाई न करने पर जाहिद हाईकोर्ट की शरण में चले गए। 18 नवंबर 2013 को अदालत ने जिलाधिकारी को घपलेबाजी की जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए लेकिन इनपर अमल नहीं किया गया।
जिसके लेकर जाहिद ने हाईकोर्ट में दोबारा रिट दायर की थी। अधिवक्ता मतलूब सुब्हानी ने बताया कि अदालत ने आदेश की अवहेलना मानते हुए जिलाधिकारी को एक सप्ताह में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।