बागेश्वर। उत्तरायणी मेले की तैयारियों को नगर पालिका परिषद की ओर से बुलाई गई बैठक में लोगों ने सुझाव रखे, मेले के परंपरागत और गौरवशाली स्वरूप को कायम रखते हुए इसे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर चर्चा हुई।
पालिका के सभागार में बैठक का संबोधित करते हुए नागरिकों ने कहा कि यह मेला सदियों से चला आ रहा है, जिसका धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और व्यापारिक महत्व रहा है। बागेश्वर की पहचान इस मेले के साथ जुड़ी है। वक्ताओं ने व्यापारियों, श्रद्धालुओं और मेलार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने की वकालत की। मेले के स्थलों के चयन को लेकर भी चर्चा हुई। मेले से जुड़े सभी कार्यों को सही ढंग से संपादित करने के लिए उपसमितियों का गठन किया गया। लोगों को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए। इस मौके पर विधायक चंदन राम दास, पालिकाध्यक्ष गीता रावल, तहसीलदार पदम सिंह माहरा, पुलिस क्षेत्राधिकारी धनी राम, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुबोध लाल साह, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हीरा सिंह धपोला, जयंत सिंह भाकुनी, रणजीत सिंह बोरा, बसंत बल्लभ पांडे, दलीप सिंह खेतवाल, राजेंद्र उपाध्याय, सुरेश जोशी, मनोज कपकोटी, संजय साह, भुवन कांडपाल, पंकज पांडे, नागेश्वरी जोशी, शारदा परिहार, जीवंती कांडपाल, भगत रावल, नवीन रावल, रघुवीर सिंह दफौटी आदि उपस्थित थे।