टनकपुर। जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों की दस्तक ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। वन्यजीव जानमाल के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। वन्यजीवों का आबादी की ओर प्रवेश रोकने को जल्द ही जंगल और गांव की सरहद पर दीवार बनेगी। फिलहाल वन विभाग ने जंगल की सीमा पर गहरी नाली का खुदान शुरू किया है।
जंगल से लगे गांवों में वन्यजीवों का खतरा आम बात है, मगर जंगल छोड़कर आबादी में उनकी दस्तक लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। शाम ढलते ही गांवों में वन्यजीवों का खतरा मंडराने लगता है। पूर्णागिरि मार्ग के थ्वालखेड़ा, बोरागोठ, उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली, बसानीगोठ, खेतखेड़ा के अलावा ककरालीगेट, आमबाग, छीनीगोठ और विचई गांव में आए दिन वन्यजीवों की दस्तक आम बात है। शुक्रवार को हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज के जंगल में हाथी द्वारा एक वृद्ध की जान लेने की घटना ने ग्रामीणों में वन्यजीवों का खौफ और बढ़ा दिया है। वन्यजीवों के हमले से मौत की घटना जंगल में ही नहीं, बल्कि आबादी में भी चुकी हैं। बावजूद इसके वन महकमा वन्यजीवों का प्रवेश रोकने की कोई योजना नहीं बना पाया है। शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवीन रौतेला का कहना है कि जंगल और गांव की सीमा पर मजबूत दीवार के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल जंगल और गांव की सीमा पर गहरी नाली खोदी जा रही है, जिससे वन्यजीवों के साथ ही अतिक्रमण पर भी अंकुश लगेगा।