भगवानपुर। कांवड़ यात्रा के चलते मालवाहक वाहनों की आवाजाही नहीं होने से भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग भी कराह उठे हैं। कच्चा माल नहीं आने और तैयार माल बाहर नहीं निकलने से हर रोज उद्यमियों को लाखों का नुकसान हो रहा है। कई इकाइयों में श्रमिक और कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से उत्पादन नहीं हो रहा है। जिस कारण पांच दिनों में करीब 30 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
पहाड़ पर आई प्रलय के बाद पसरे सन्नाटे को भले ही कांवड़ यात्रा ने तोड़ा हो और कुछ दिनों के लिए छोटे-मोटे काम स्थानीय लोगों को मिला, लेकिन इसका दूसरा असर भी पड़ा। कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्ट और मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगने से अब तक करोड़ों रुपयों का नुकसान हो चुका है।
भगवानपुर, झबरेड़ा, मंगलौर और नारसन क्षेत्र में करीब 600 औद्योगिक इकाइयां हैं। इन औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चा माल लाने और तैयार माल ले जाने के लिए बड़े मालवाहक वाहनों के साथ सैकड़ों ट्रक रोज आते जाते हैं। लेकिन, कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद से ही बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी है। पिछले पांच दिनाें से बाहर से न तो कच्चा माल पहुंच रहा है और न ही तैयार माल बाहर भेजा जा रहा है।
बड़ी औद्योगिक इकाइयों को प्रतिदिन 60 से 70 लाख का नुकसान हो रहा है। औद्योगिक इकाइयों को अभी तक करोड़ों को नुकसान हो चुका है। औद्योगिक क्षेत्र में कंपनियों की बसों से आने वाले श्रमिक और कर्मचारी भी काम नहीं पहुंच पा रहे हैं। इन बसों की आवाजाही पर रोक लगी है। जिसके चलते कुछ कंपनियों में तो उत्पादन ठप है।
ट्रांसपोर्टरों को भी नुकसान
भगवानपुर। कांवड़ यात्रा के चलते उद्यमियों को ही नहीं शहर और आसपास के सैकड़ों ट्रांसपोर्टर्स को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पांच दिनों में ट्रांसपोर्टरों के ट्रक जहां-तहां खड़े हैं। भगवानपुर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन से करीब 150 व्यवसायी जुड़े हैं। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आदेश सैनी का कहना है कि हर व्यवसायी को कांवड़ यात्रा के दौरान पांच से दस लाख का नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि पांच अगस्त की रात से ही वाहनों की आवाजाही सुचारु होगी।
कोट....
कांवड़ यात्रा के चलते उद्योगपतियों को हर दिन 60 से 70 लाख का नुकसान हो रहा है। तैयार माल इकाइयों में डंप है। यात्रा शुरू होने से पहले पुलिस प्रशासन से मांग की थी कि ऐसा रास्ता निकाला जाए कि यात्रा भी चलती रहे और मालवाहक वाहन भी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हो सका। पिछले पांच दिनों में करीब 30 करोड़ का नुकसान हो चुका है। - विशाल कुमार, अध्यक्ष, भगवानपुर इंडस्ट्री एसोसिएशन।
कांवड़ यात्रा के दौरान छोटे-बड़े सभी उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ा है। इस तरह की यात्रा और पर्व के दौरान उद्योग प्रभावित न हों इसके लिए प्रशासन को रास्ता निकालना चाहिए।
- मनोज सदावतिया, उपाध्यक्ष, भगवानपुर इंडस्ट्री एसोसिएशन।