पिथौरागढ़। अनुसूचित जनजाति (एसटी) निदेशालय को गुपचुप तरीके से शिफ्ट करने की कोशिश से यहां लोग ही नहीं जनप्रतिनिधि भी नाराज हैं। दस साल तक धारचूला क्षेत्र से विधायक रहे गगन सिंह रजवार ने अब इस मसले पर आवाज उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि एसटी निदेशालय को गुपचुप तरीके से इधर-उधर करना सरकार की मंशा पर ही सवाल उठाता है।
आदिम जाति वनरावत से ताल्लुक रखने वाले रजवार ने कहा कि सीमावर्ती पिथौरागढ़ जिले में धारचूला एवं मुनस्यारी में बहुतायत में अनुसूचित वर्ग के लोग रहते हैं। ये वर्ग यहां की विषम भौगोलिक हालात के साथ ही कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन जीने को विवश हैं। उनके लिए सरकार द्वारा कोई नई कल्याणकारी योजना बनाने के बजाय अनुसूचित जनजाति निदेशालय को कालसी ले जाकर नया विवाद पैदा किया जा रहा है। कार्यालय को शिफ्ट करना सरकार की सोच को दर्शाता है।
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पूर्व विधायक ने कहा कि निदेशालय का सबसे उपयुक्त स्थल पिथौरागढ़ जिले का धारचूला है। लेकिन अगर यहां किसी वजह से अड़चन है, तो इसे प्रदेश के केंद्र बिंदु यानी ऊधमसिंह नगर में शिफ्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस निर्णय को नहीं बदला तो क्षेत्रीय लोगों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।