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राम कथा से मिलती है मर्यादा की सीख

Pithoragarh Updated Mon, 21 Jan 2013 05:31 AM IST
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पिथौरागढ़। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में 14 जनवरी से शुरू श्रीराम कथामृत का रविवार को समापन हो गया। आशुतोष महाराज की शिष्या पदम हस्ता भारती जी ने कहा कि जीवन को मोती के समान चमक देने के लिए धर्मयुक्त आचरण जरूरी है। और धर्म के ज्ञान के लिए श्रीराम कथा का रसास्वादन जरूरी है। धर्म जीवन में मर्यादा और संयम की सीख देता है। इसी तरह कुसंग से बचने के लिए भी धर्म का संग जरूरी है।
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कथा का श्रीगणेश वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कथा के दौरान भजन-कीर्तन भी हुए। कथा में बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। यह कथा संस्थान द्वारा नेत्रहीन और अपंग वर्ग के उत्थान के लिए चलाए जा रहे सामाजिक प्रकल्प अंर्तदृष्टि के सहायतार्थ आयोजित की गई। कथा में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रवींद्र बिष्ट, पूर्व तहसीलदार डीएस मेहता, उमेद सिंह बिष्ट, एसपी शर्मा, डा.परमानंद चौबे, पुष्पा खत्री समेत बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान रईधारा की प्रभारी साध्वी भक्ति प्रभा भारती ने सभी का सहयोग के लिए आभार जताया।
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