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दुराचार के आरोपी को 10 साल की कैद

Pithoragarh Updated Wed, 13 Feb 2013 05:32 AM IST
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पिथौरागढ़। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दुराचार के एक मामले में एक बलात्कारी को 10 साल के कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। एक अन्य धारा में दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार मूनाकोट विकासखंड की एक महिला ने 15 दिसंबर 2011 को पिथौरागढ़ कोतवाली में दी प्राथमिकी में कहा कि 13 दिसंबर 2011 को उसकी पुत्री घर में अकेली थी। वह जब घर पहुंची तो मूनाकोट निवासी शंकर चंद चारपाई पर लेटा हुआ था। उसे देखकर भाग गया। पीड़िता घबराई हुई थी। वह मानसिक रूप से कमजोर है और कम बोल पाती है। उसने इशारों में शंकर चंद द्वारा उसके साथ गलत काम करने की बात बताई।
कोतवाली पुलिस ने मामले की पड़ताल के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने गवाह के तौर पर पीड़िता की मां, पीड़िता, शिवराज सिंह, डा. मोनिका खर्कवाल, डा. प्रकाश चंद्र पुनेठा, डा, एमएस कुटियाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू सिंह मुंडे, एसआई विजया को अदालत में पेश किया।
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मामले के परीक्षण के बाद शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक बी शर्मा ने आरोपी को दुराचार की धारा 376 आईपीसी में 10 साल के कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। घर में जबरदस्ती घुसने की धारा 451 के तहत दो वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह की सजा और भुगतनी होगी। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गंगा सिंह बाफिला ने पैरवी की।
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