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दहेज उत्पीड़न में पति को तीन साल की सजा

Pithoragarh Updated Wed, 04 Sep 2013 05:36 AM IST
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पिथौरागढ़। दहेज उत्पीड़न के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने मृतका के पति को तीन साल की कठोर सजा सुनाई है। मृतका के सास, ससुर और देवर को आरोपमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने विवेचना में कमी पर तल्ख टिप्पणी की है।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार लोहाघाट निवासी हरीश चंद्र जोशी ने 21 फरवरी 2012 को थाने में बहन के साथ मारपीट करने और जान से मारने की तहरीर दी। कहा कि बहन भावना की शादी पांच साल पहले पंकज पंत के साथ हुई थी। शादी के छह माह बाद से ही पति पंकज पंत, ससुर गिरीश पंत, सास चंद्रा पंत और देवर ब्रजेश भावना के साथ दहेज के लिए मारपीट करने लगे। 20 फरवरी 2012 की सुबह भावना ने फोन कर उसके साथ मारपीट करने की सूचना दी। उसी दिन 10.45 बजे पंकज का फोन आया कि भावना ने आग डालकर आत्महत्या कर ली है।
कोतवाली पुलिस ने विवेचना के बाद तमाम धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने गवाह के तौर पर मृतका के भाई हरीश चंद्र जोशी, मां कमला जोशी, बहन रेखा पंत, डा. डीएस पंचपाल, एसडीएम नरेश दुर्गापाल, एसआई प्रकाश चंद्र पुनेठा, एसआई विजया, उपाधीक्षक अमित श्रीवास्तव को अदालत में पेश किया। मामले के परीक्षण के बाद मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक बी शर्मा ने पंकज पंत को मृतका का उत्पीड़न करने का दोषी पाते हुए तीन वर्ष का कठोर कारावास के साथ ही 20 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। परीक्षण में पंकज के साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप साबित नहीं हुआ।
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