पिथौरागढ़। जिले में शुक्रवार को रसोईगैस के तीन ट्रक आने से थोड़ी राहत मिली है। आज रई में रसोईगैस का वितरण किया गया। वहां सिलेंडर प्राप्त करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गई। रसोईगैस की सप्लाई को सामान्य बनाने के लिए गैस एजेंसी ने प्रयास तो किए हैं लेकिन प्लांट से कम ट्रक आने पर स्थिति फिर बिगड़ रही है। गैस एजेंसी पर सबसे ज्यादा दबाव व्यावसायिक सिलेंडरों को खपाने का है। यदि किसी दिन व्यावसायिक सिलेंडरों की पूरी खपत नहीं हुई तो उस दिन ट्रक वापस नहीं जाता।
शुक्रवार को रई में कई दिनों बाद रसोईगैस का वितरण हुआ तो लोग उमड़ पड़े। लोगों की मांग है कि इस इलाके में कम से कम दस दिन में एक बार रसोईगैस का वितरण किया जाए। पिछले दिनों उपभोक्ताओं ने रसोईगैस न मिलने के कारण जाम भी लगाया था। गैस एजेंसी के प्रबंधक डीके जोशी ने बताया कि स्थिति सामान्य होने में अभी समय लगने वाला है। क्योंकि सप्लाई की स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि रोज पांच ट्रक आने लगें तो जल्दी ही संकट दूर हो जाएगा।
इस बीच ग्रामीण अंचलों में रसोईगैस का संकट बना हुआ है। कुछ इलाके तो ऐसे हैं जहां पर एक महीने से गैस नहीं पहुंची है। लोग बार बार आवाज उठा रहे हैं लेकिन जिला मुख्यालय में दबाव इतना ज्यादा है कि गांवों तक सप्लाई पहुंचाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। अकेले पिथौरागढ़ शहर में रोज 750 सिलेंडरों की खपत होती है। यदि एक दिन ब्रेक हो गया तो अगले दिन यह संख्या 1500 पहुंच जाती है।