चंबा (टिहरी)। जन सुविधाओं के प्रति बीआरओ व स्थानीय प्रशासन कितना संवेदनशील है, इस बात का अंदाजा पहाड़ की लाईफ लाईन कही जाने वाले ऋषिकेश-चंबा अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग की दशा देखकर लगाया जा सकता है। बरसात बीते कई महीने बीत गए लेकिन उस समय कई जगह से क्षतिग्रस्त हुए हाईवे को अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। जिस कारण इस मार्ग पर मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
ऋषिकेश-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य स्थित कई हिस्से में भूस्खलन से सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो गई थी। आपदा के कहर से जगह-जगह भूस्खलन और भूधंसाव से हाई-वे खस्ताहाल हो गया था। खाड़ी, नागणी, ताछला आदि स्थानों पर क्षतिग्रस्त हाइवे को ठीक करने में तेजी तो दिखाई गई, लेकिन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजमार्ग की दुरूस्त नहीं कर पाया। अब भी यदि बीआरओ और स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में तेजी नहीं दिखाई तो आने वाले यात्रा सीजन में भी तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जगह-जगह सड़क पर अब भी मलबे का ढेर लगा हुआ है।
इनका क्या है कहना
आपदा के कारण राजमार्ग की स्थिति बहुत खराब हो गई थी। जगह-जगह पर भूस्खलन और भूधंसाव को एकदम से ठीक किया जाना मुमकिन नहीं है। मरम्मत और निर्माण कार्य को तेजी से किया जा रहा है।
-केपी सिल्सवाल जेई बीआरओ