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65 हजार अलॉटियों को राहत, 90 फीसदी बदलाव के साथ नीड बेस चेंज को मिली हरी झंडी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 30 Sep 2018 02:12 PM IST
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Chandigarh Administration Approved Need Base Change with 90 percent Changes
सीएचबी - फोटो : DEMO Pics
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चंडीगढ़ प्रशासन ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के 65 हजार अलॉटियों को बड़ी राहत दे दी। प्रशासन अलग-अलग कैटेगरी में बोर्ड मकानों में 50 से 75 प्रतिशत तक कवर्ड एरिया की मंजूरी देने को तैयार हो गया है। यह राहत अलॉटियों को कैटेगरी वाइज दी जाएगी। इसके लिए अलॉटियों को आर्किटेक्ट के पैनल से स्वयं प्रमाणित सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। साथ ही पूरी बालकनी कवर करने के लिए चीफ फायर ऑफिसर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट सीएचबी को देना होगा। इसके बाद सीएचबी की ओर से राहत प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।


सीएचबी के चेयरमैन की मानें तो नीड बेस चेंज के तहत तकरीबन 90 फीसदी बदलाव पर मुहर लग चुकी है। आगामी पांच अक्टूबर को होने वाली सीएचबी की मीटिंग में इसे अप्रूवल दे दिया जाएगा। यूटी प्रशासन के फाइनेंस सेक्रेटरी और सीएचबी चेयरमैन अजोय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में शनिवार को नीड बेस चेंज को लेकर एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इसमें सीएचबी के मकानों में नीड बेस्ड चेंज को लेकर कितने प्रतिशत की छूट दी जाए और कितनी कंपाउंडिंग फीस लगाई जाए, इस पर चर्चा की गई। इस दौरान सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को रेगुलराइज करने पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। मीटिंग में सीईओ, चीफ आर्किटेक्ट, चीफ इंजीनियर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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इतनी मिल सकती है छूट
मीटिंग में फ्लैट्स पर बैकयार्ड में 50 प्रतिशत या 150 स्क्वायर फुट से कम हो, उस पर मंजूरी दी गई है। वहीं ईडब्ल्यूएस, वन रूम, टेनामेंट और एलआईजी कैटेगरी के मकानों को 75 प्रतिशत कवर्ड एरिया या 150 स्क्वायर फुट से कम हो, उस पर मंजूरी दी गई है। आगामी पांच अक्तूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में इसे सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी जाएगी। इसके बाद पेक की स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी रिपोर्ट और पड़ोसियों की प्राइवेसी को देखकर इसे फाइनल मंजूरी दी जाएगी।
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इतनी देनी होगी कंपाउंडिंग फीस
मीटिंग में कंपाउंडिंग फीस को 500 रुपये प्रति स्क्वेयर फुट रखा गया है। बताया जाता है कि बोर्ड नीड बेस चेंज पर लगाई गई एनुअल पेनल्टी का प्रोविजन भी खत्म करने का मन बनाया है। इसके एवज में अलॉटियों से वन टाइम सेटलमेंट फीस ली जाएगी। जिन अलॉटियों की नीड बेस चेंज रेगुलराइज होगी, उनके वायलेशन के नोटिस वापस लिए जाएंगे। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड के अलॉटियों में 85 प्रतिशत लोगों ने अपने मकानों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निर्माण किया है।

इन पर बनी सहमति
1. कुछ ऐसे इंटरनल बदलाव को भी अप्रूवल मिल सकता है, जिसमें ग्रिल लगवाना, फ्रंट कोर्टयार्ड में ग्रिल लगवाना, स्लाइडिंग ग्रिल्स, मेन गेट की चौड़ाई जैसे बदलाव शामिल हैं।
2. प्लॉट एरिया में अंदर की तरफ से ग्रिल और गेट बाउंड्री के साथ में लगाना।
3. बालकनी में ग्रिल लगाने को लेकर परमिशन मिल सकती है।
4. साइड बाउंड्री से गेट को फ्रंट बाउंड्री वॉल में शिफ्ट करना।
5. बालकनी और बरामदों में ग्लेजिंग की परमिशन
7. गाड़ी खड़ी करने के लिए बनी जगह को ट्रांसपेरेंट सीट से कवर करने की परमिशन।

अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने पुराने प्रस्ताव के तहत ही अधिकतम बदालव पर सहमति बन गई है। मीटिंग में सभी ने इस पर सहमति जताई है। अब इसे अब इसे अप्रूवल के लिए 5 अक्तूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि मकानों में तकरीबन 90 प्रतिशत बदलाव को हरी झंडी मिली है। इससे अधिकतम लोगों को फायदा होगा।
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