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Delhi NCR News: एनडीएमसी सेंसर तकनीक से करेगी जलभराव वाले स्थानों की निगरानी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आगामी मानसून को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने जलभराव से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस कड़ी में जलभराव संभावित स्थान साउथ एवेन्यू, जनपथ आदि पर सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की जा रही है। इसका मकसद बारिश के दौरान तत्काल स्थिति का आकलन कर कार्रवाई करना है।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने शुक्रवार को विभिन्न इलाकों का जमीनी निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था और मानसून तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण अफ्रीका एवेन्यू से आरके आश्रम मार्ग तक किया गया, जिसमें सिविल इंजीनियरिंग, जन स्वास्थ्य और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान चहल ने नालों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था, सड़कों की स्थिति और डी-वाटरिंग पंपों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने और मानसून के दौरान सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
चहल ने कहा कि एनडीएमसी ने मानसून को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें बारिश से पहले की तैयारी, वर्षा के दौरान त्वरित कार्रवाई और बाद में बुनियादी ढांचे की मरम्मत को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जलभराव से निपटने के लिए डी-वाटरिंग पंप, डीजी सेट, नियंत्रण कक्ष और आवश्यक मानव बल की व्यवस्था की गई है। चहल ने बताया कि नालों की डी-सिल्टिंग का पहला चरण 31 मार्च तक पूरा कर लिया गया था, जबकि दूसरे चरण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसे 15 जून से पहले शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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उन्होंने कहा कि भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क की जीआईएस मैपिंग भी शुरू की गई है और मानसून के दौरान पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, रेलवे, मौसम विभाग, अग्निशमन सेवा और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
नई दिल्ली। आगामी मानसून को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने जलभराव से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस कड़ी में जलभराव संभावित स्थान साउथ एवेन्यू, जनपथ आदि पर सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की जा रही है। इसका मकसद बारिश के दौरान तत्काल स्थिति का आकलन कर कार्रवाई करना है।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने शुक्रवार को विभिन्न इलाकों का जमीनी निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था और मानसून तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण अफ्रीका एवेन्यू से आरके आश्रम मार्ग तक किया गया, जिसमें सिविल इंजीनियरिंग, जन स्वास्थ्य और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान चहल ने नालों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था, सड़कों की स्थिति और डी-वाटरिंग पंपों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने और मानसून के दौरान सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
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चहल ने कहा कि एनडीएमसी ने मानसून को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें बारिश से पहले की तैयारी, वर्षा के दौरान त्वरित कार्रवाई और बाद में बुनियादी ढांचे की मरम्मत को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जलभराव से निपटने के लिए डी-वाटरिंग पंप, डीजी सेट, नियंत्रण कक्ष और आवश्यक मानव बल की व्यवस्था की गई है। चहल ने बताया कि नालों की डी-सिल्टिंग का पहला चरण 31 मार्च तक पूरा कर लिया गया था, जबकि दूसरे चरण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसे 15 जून से पहले शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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