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Noida News: तीन भाषाओं के फॉर्मूले में फंसे जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश के शिक्षक

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 05:48 PM IST
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German, French and Spanish teachers trapped in the three-language formula
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समायोजन का संकट, सोमवार को सीबीएसई ऑफिस में अधिकारियों से नियम बदलने की करेंगे मांग

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से लागू तीन भाषा फॉर्मूले पर विवाद बढ़ता जा रहा है। नए नियमों के चलते स्कूलों के सामने विदेशी भाषा के शिक्षकों के समायोजन की चुनौती खड़ी हो गई है। कई स्कूलों में फ्रेंच, जर्मन और स्पेनिश जैसी भाषाएं पढ़ाने वाले शिक्षकों को जूनियर विंग में अन्य विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
हालांकि अभी स्कूल इसके बारे में खुलकर बात नहीं कर रहे हैं। ये सभी शिक्षक एक जून को सीबीएसई ऑफिस में जाकर नियम में बदलाव की मांग करेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा-9 के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। सीबीएसई के निर्देशों के बाद कई स्कूलों में विदेशी भाषाओं की जगह संस्कृत या अन्य भारतीय भाषाएं शामिल की जा रही हैं।
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हालांकि छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि संस्कृत जैसी भाषाएं उन बच्चों के लिए आसान नहीं हैं जिन्होंने पहले कभी इन्हें नहीं पढ़ा। पहले छात्रों के पास हिंदी, अंग्रेजी और एक विदेशी भाषा चुनने का विकल्प था लेकिन अब विदेशी भाषा हटाकर क्षेत्रीय भाषा को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकतर स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत को शामिल किया गया है।
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अभिभावकों का कहना है कि बच्चों ने शुरुआती कक्षाओं से विदेशी भाषाएं इसलिए चुनी थीं ताकि उन्हें आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय अवसरों में लाभ मिल सके। गौतमबुद्धनगर पैरेंट्स वेल्फेयर सोसाइटी के संस्थापक मनोज कटारिया ने कहा कि अचानकी इसे शुरू करना उचित नहीं है। अभी सीबीएसई के पास 9वीं की तीसरी भाषा की पुस्तकें व मार्गदर्शन तक नहीं है।

भाषा का ज्ञान होना अच्छी बात है और जो विद्यार्थी अपनी प्रांतीय भाषा में रूचि रखते हैं उन्हें जरूर तीसरी भाषा पढ़ानी चाहिए लेकिन आज के समय उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण और व्यावसायिक गतिविधियां वैश्विक स्तर की हो रही हैं तब टेक्नोलॉजी और वोकेशनल ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के स्थान पर विद्यार्थियों को प्रांतीय भाषाओं पर जोर दिया जा रहा है।
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