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Gorakhpur News: हर थाने में बनेगी कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट, बुजुर्गों-स्कूली बच्चों की सुरक्षा होगी जिम्मेदारी

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:38 AM IST
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Community policing units will be formed in every police station, responsible for the safety of the elderly and school children
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खाकी का नया चेहरा: सप्ताह में तीन दिन चलेगा अभियान, पुलिस-जनता के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए एडीजी जोन ने जारी की एसओपी

गोरखपुर। पुलिस और जनता के बीच संवाद एवं विश्वास को मजबूत बनाने के लिए गोरखपुर जोन के सभी थानों में कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (सीपीयू) का गठन किया जाएगा। अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) जोन के स्तर से जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत यह यूनिट बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के साथ-साथ स्कूल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देगी।
एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन (पदोन्नत डीजी) ने इसे तत्काल अमल में लाने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक थाने में एक निरीक्षक या उपनिरीक्षक को यूनिट का प्रभारी बनाया जाएगा। उनके साथ दो पुरुष और दो महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। यूनिट सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शनिवार को क्षेत्र में सामुदायिक गतिविधियां संचालित करेगी। इसके लिए अलग रजिस्टर में सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
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खुद पहुंचेगी पुलिस बुजुर्गों के दरवाजे
एसओपी के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और गंभीर दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर उनसे नियमित संपर्क किया जाएगा। अब पुलिस खुद बुजुर्गों के दरवाजे पर उनका हाल लेने पहुंचेगी। उन्हें सीधे संपर्क के लिए संबंधित अधिकारी का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों की मदद की जिम्मेदारी भी यूनिट की होगी। पुलिस अनाथालय, वृद्धाश्रम और महिला-बाल कल्याण संस्थानों का दौरा कर वहां की समस्याओं का समाधान कराने में सहयोग करेगी।
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स्कूल टाइम पर मौजूद रहना होगा
स्कूल सुरक्षा के तहत पुलिसकर्मी स्कूल खुलने और बंद होने के समय मौजूद रहेंगे। बच्चों को सुरक्षित सड़क पार कराने में मदद करने के साथ ही क्षमता से अधिक सवारी ढोने वाले अथवा अनफिट स्कूल वाहनों की जानकारी थाना प्रभारी को दी जाएगी। छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और बच्चों को थाना व अन्य सार्वजनिक संस्थानों के भ्रमण का अवसर भी मिलेगा।

कार्रवाई नहीं, संवाद और सहयोग
जोन स्तर पर जारी निर्देशों के अनुसार, सीपीयू कानून-व्यवस्था संबंधी कार्रवाई नहीं करेगी बल्कि समाज और पुलिस के बीच भरोसा बढ़ाने का कार्य करेगी। प्रत्येक जिले में अपर पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा मासिक समीक्षा रिपोर्ट जोन मुख्यालय को भेजी जाएगी।
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