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Gorakhpur News: एआई युग में विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण जरूरी
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समर इंटर्नशिप के शुभारंभ के अवसर पर कुलपति का स्वागत करते शिक्षक।
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि वर्तमान तकनीकी एआई युग में विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने की जरूरत है।
वह सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित छह साप्ताहिक समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने, नवाचार क्षमता विकसित करने व उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिभागी प्रशिक्षण अवधि के दौरान अधिकतम लाभ उठाएं।
कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीकी ज्ञान का उपयोग ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए करें जिससे किसानों की आय एवं उत्पादकता में वृद्धि हो सके। विभागाध्यक्ष प्रो. एसके सोनी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आईओटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, एआई व वीएलएसआई डिजाइन एंड सिमुलेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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वीएलएसआई इंटर्नशिप के प्रधान समन्वयक प्रो. आरके चौहान ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ''''चिप टू स्टार्टअप'''' परियोजना के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समन्वयक डॉ. राज कुमार सिंह, डॉ. आलोक कुमार शुक्ल व डॉ. श्वेता यादव आदि मौजूद रहे।
वह सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित छह साप्ताहिक समर इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने, नवाचार क्षमता विकसित करने व उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतिभागी प्रशिक्षण अवधि के दौरान अधिकतम लाभ उठाएं।
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कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीकी ज्ञान का उपयोग ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए करें जिससे किसानों की आय एवं उत्पादकता में वृद्धि हो सके। विभागाध्यक्ष प्रो. एसके सोनी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आईओटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, एआई व वीएलएसआई डिजाइन एंड सिमुलेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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