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Rohtak News: देश को जांबाज सैनिक देने वाले सुनारिया के ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:35 AM IST
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17-गांव सुनारिया के जलघर में सूखा टैंक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। देश को जांबाज सैनिक और देने वाले गांव सुनारिया के ग्रामीण कई साल से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। सप्लाई में गंदा पानी आता है। कभी-कभी सात से आठ दिन सप्लाई का पानी आता ही नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक जलघर से पानी पहुंचता है। वहां कई बार समस्या को लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं किया जाता। केवल आश्वासन देते हैं। ऐसे में गांव वालों की तरफ से लगवाए दो ट्यूबवेल से काम चलाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरन ग्रामीणों ने घर-घर सबमर्सिबल लगवाने पड़े हैं। इनसे जलापूर्ति की जा रही हैं। कुछ लोग सबमर्सिबल नहीं लगा पाए, वे अब भी सप्लाई नहीं आने पर टैंकरों से काम चला रहे हैं। सप्लाई में पानी गंदा आने के कारण रोजाना करीब 20 टैंकर गांव में मंगवाए जा रहे हैं। एक टैंकर 600 से 1000 रुपये का पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों की जेब पर भी बोझ बढ़ रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि नहर से जलघर तक जलापूर्ति करने वाली पाइपलाइन पुरानी होने के कारण कई जगह से क्षतिग्रस्त है। इस कारण जलघर के टैंक तक पानी पहुंच भी नहीं पाता है। टैंक सूखे पड़े रहते हैं। टैंकों की सफाई तक नहीं की जाती है। इनमें लंबे झाड़ उगे हुए हैं।
ये बोले ग्रामीण
कई साल से सप्लाई में गंदा पानी आ रहा है। पाइपलाइन पुरानी हो चुकी है। कहीं न कहीं से टूटी रहती हैं। टैंकरों मंगवाकर व सबमर्सिबल के पानी से काम चलाया जा रहा है।
- मुख्तयार सिंह, सुनारिया
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जलघर में लंबे झाड़ उगे हुए हैं। ऐसे में टैंकरों से काम चलाया जा रहा है। 600 रुपये देकर टैंकर मंगाए जाते हैं। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं किया जाता।
- लीलू, सुनारिया
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पानी की पाइपलाइन कहीं न कहीं से क्षतिग्रस्त रहती है। कई बार सात से आठ दिन पानी ही नहीं आता है। गांव में सबमर्सिबल व टैंकरों से काम चलाया जा रहा है।
- शीशन, सुनारिया
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कई साल से सप्लाई में गंदा पानी आ रहा है। टैंकरों को खरीदकर किसी तरह प्यास बुझा रहे हैं। इससे जेब पर भी असर पड़ रहा है। समस्या का समाधान करना चाहिए।
- रमेश, सुनारिया
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कई साल से सप्लाई में पानी गंदा आ रहा हैं इसलिए कैंपर से पानी लाना पड़ता है। पाइपलाइन कहीं न कहीं से टूटी रहती है।
- रामनिवास, सुनारिया
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नहर से जलघर तक जिस पाइपलाइन से पानी आता है, वह टूटी रहती है। किनारे खड़े पेड़ गिरने के कारण यह जगह-जगह से टूट जाती है। इसकी मरम्मत नहीं कराई जाती। इससे जलघर सूखा पड़ा रहता है।
- मुक्त राम, सुनारिया
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छह महीने में कई बार एक्सईएन के पास शिकायत कर चुके हैं। सेम की समस्या के कारण टैंक को पक्का कराने की अपील कर चुके हैं। नहर से टैंक तक जलापूर्ति करने वाली पाइपलाइन को लोहे की पाइपलाइन से बदलने की मांग कर चुके हैं। हर बार आश्वासन देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है।
- सुमन, पार्षद, सुनारिया
रोहतक। देश को जांबाज सैनिक और देने वाले गांव सुनारिया के ग्रामीण कई साल से पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। सप्लाई में गंदा पानी आता है। कभी-कभी सात से आठ दिन सप्लाई का पानी आता ही नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक जलघर से पानी पहुंचता है। वहां कई बार समस्या को लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं किया जाता। केवल आश्वासन देते हैं। ऐसे में गांव वालों की तरफ से लगवाए दो ट्यूबवेल से काम चलाने की कोशिश की जा रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरन ग्रामीणों ने घर-घर सबमर्सिबल लगवाने पड़े हैं। इनसे जलापूर्ति की जा रही हैं। कुछ लोग सबमर्सिबल नहीं लगा पाए, वे अब भी सप्लाई नहीं आने पर टैंकरों से काम चला रहे हैं। सप्लाई में पानी गंदा आने के कारण रोजाना करीब 20 टैंकर गांव में मंगवाए जा रहे हैं। एक टैंकर 600 से 1000 रुपये का पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों की जेब पर भी बोझ बढ़ रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि नहर से जलघर तक जलापूर्ति करने वाली पाइपलाइन पुरानी होने के कारण कई जगह से क्षतिग्रस्त है। इस कारण जलघर के टैंक तक पानी पहुंच भी नहीं पाता है। टैंक सूखे पड़े रहते हैं। टैंकों की सफाई तक नहीं की जाती है। इनमें लंबे झाड़ उगे हुए हैं।
ये बोले ग्रामीण
कई साल से सप्लाई में गंदा पानी आ रहा है। पाइपलाइन पुरानी हो चुकी है। कहीं न कहीं से टूटी रहती हैं। टैंकरों मंगवाकर व सबमर्सिबल के पानी से काम चलाया जा रहा है।
- मुख्तयार सिंह, सुनारिया
जलघर में लंबे झाड़ उगे हुए हैं। ऐसे में टैंकरों से काम चलाया जा रहा है। 600 रुपये देकर टैंकर मंगाए जाते हैं। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं किया जाता।
- लीलू, सुनारिया
पानी की पाइपलाइन कहीं न कहीं से क्षतिग्रस्त रहती है। कई बार सात से आठ दिन पानी ही नहीं आता है। गांव में सबमर्सिबल व टैंकरों से काम चलाया जा रहा है।
- शीशन, सुनारिया
कई साल से सप्लाई में गंदा पानी आ रहा है। टैंकरों को खरीदकर किसी तरह प्यास बुझा रहे हैं। इससे जेब पर भी असर पड़ रहा है। समस्या का समाधान करना चाहिए।
- रमेश, सुनारिया
कई साल से सप्लाई में पानी गंदा आ रहा हैं इसलिए कैंपर से पानी लाना पड़ता है। पाइपलाइन कहीं न कहीं से टूटी रहती है।
- रामनिवास, सुनारिया
नहर से जलघर तक जिस पाइपलाइन से पानी आता है, वह टूटी रहती है। किनारे खड़े पेड़ गिरने के कारण यह जगह-जगह से टूट जाती है। इसकी मरम्मत नहीं कराई जाती। इससे जलघर सूखा पड़ा रहता है।
- मुक्त राम, सुनारिया
छह महीने में कई बार एक्सईएन के पास शिकायत कर चुके हैं। सेम की समस्या के कारण टैंक को पक्का कराने की अपील कर चुके हैं। नहर से टैंक तक जलापूर्ति करने वाली पाइपलाइन को लोहे की पाइपलाइन से बदलने की मांग कर चुके हैं। हर बार आश्वासन देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है।
- सुमन, पार्षद, सुनारिया

17-गांव सुनारिया के जलघर में सूखा टैंक। संवाद

17-गांव सुनारिया के जलघर में सूखा टैंक। संवाद

17-गांव सुनारिया के जलघर में सूखा टैंक। संवाद