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Una News: हर खेत तक पहुंचेगा पानी, हरोली में शुरू होगी हाईटेक सिंचाई योजना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:31 AM IST
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ऊना। पंचायत और नगर निकाय चुनावों के चलते लंबित पड़ी सिंचाई योजनाओं को आचार संहिता हटते ही धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल शक्ति विभाग ऊना ने कमांड एरिया डेवलपमेंट और जल प्रबंधन आधुनिकीकरण उप योजना को जमीन पर उतारने को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 97.78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना की टेंडर प्रक्रिया आचार संहिता हटते ही शुरू हो गई।
केंद्र सरकार की कमांड एरिया डेवलपमेंट और जल प्रबंधन के आधुनिकीकरण उप योजना को प्रदेश के हरोली उपमंडल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। वर्तमान में उपमंडल हरोली में सिंचाई क्षमता करीब 75 प्रतिशत तक सीमित है और 4,889 हेक्टेयर में से केवल 3,839 हेक्टेयर क्षेत्र तक ही प्रभावी सिंचाई पहुंच पा रही है। इस परियोजना के शुरू होने से हरोली उपमंडल के 62 गांवों की 4,889 हेक्टेयर कृषि भूमि को आधुनिक सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में क्षेत्र में पुरानी फ्लड इरिगेशन प्रणाली के कारण पानी की भारी बर्बादी हो रही है।
इस परियोजना के तहत 1,010 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, एससीएडीए और आईओटी आधारित ऑटोमेशन सिस्टम, सोलर पंपिंग और स्टोरेज टैंक स्थापित किए जाएंगे। योजना लागू होने के बाद पाइपलाइन नेटवर्क और ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए करीब 30 प्रतिशत पानी की बचत होगी।
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तीन क्लस्टर बनाए
परियोजना के तहत तीन क्लस्टर बनाए गए हैं। पहले क्लस्टर में टाहलीवाल क्षेत्र की 1,874 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। दूसरे क्लस्टर में हरोली क्षेत्र की 1,790 हेक्टेयर भूमि और तीसरे क्लस्टर में खड्ड क्षेत्र की 1,225 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। योजना पूरी होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और फसलों की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है।
आचार संहिता के चलते परियोजना के टेंडर प्रक्रिया रोक दी गई थी, जिसे सोमवार से शुरू कर दिया गया है। टेंडर आवंटित करने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
-नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग ऊना
केंद्र सरकार की कमांड एरिया डेवलपमेंट और जल प्रबंधन के आधुनिकीकरण उप योजना को प्रदेश के हरोली उपमंडल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। वर्तमान में उपमंडल हरोली में सिंचाई क्षमता करीब 75 प्रतिशत तक सीमित है और 4,889 हेक्टेयर में से केवल 3,839 हेक्टेयर क्षेत्र तक ही प्रभावी सिंचाई पहुंच पा रही है। इस परियोजना के शुरू होने से हरोली उपमंडल के 62 गांवों की 4,889 हेक्टेयर कृषि भूमि को आधुनिक सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में क्षेत्र में पुरानी फ्लड इरिगेशन प्रणाली के कारण पानी की भारी बर्बादी हो रही है।
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इस परियोजना के तहत 1,010 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, एससीएडीए और आईओटी आधारित ऑटोमेशन सिस्टम, सोलर पंपिंग और स्टोरेज टैंक स्थापित किए जाएंगे। योजना लागू होने के बाद पाइपलाइन नेटवर्क और ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए करीब 30 प्रतिशत पानी की बचत होगी।
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तीन क्लस्टर बनाए
परियोजना के तहत तीन क्लस्टर बनाए गए हैं। पहले क्लस्टर में टाहलीवाल क्षेत्र की 1,874 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। दूसरे क्लस्टर में हरोली क्षेत्र की 1,790 हेक्टेयर भूमि और तीसरे क्लस्टर में खड्ड क्षेत्र की 1,225 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। योजना पूरी होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और फसलों की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है।
आचार संहिता के चलते परियोजना के टेंडर प्रक्रिया रोक दी गई थी, जिसे सोमवार से शुरू कर दिया गया है। टेंडर आवंटित करने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
-नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग ऊना