{"_id":"56e726db4f1c1b1b118b4856","slug":"will-ban-on-building-around-the-bird-sanctuary","type":"story","status":"publish","title_hn":"पक्षी विहार के आसपास निर्माण पर लगेगी पाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पक्षी विहार के आसपास निर्माण पर लगेगी पाबंदी
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Tue, 15 Mar 2016 02:38 AM IST
विज्ञापन
पक्ष्ाी सुरक्ष्ाा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव वन संजीव सरन ने शेखा झील को देखा और वहां होने वाले कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने झील के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उन्होंने झील को गहरा करने पर गंभीरता से विचार करने और मैनेजमेंट प्लान बनाकर भेजने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
शाम चार बजे करीब शेखाझील पहुंचे प्रमुख सचिव ने वन विभाग के कंजर्वेटर ललित वर्मा तथा पर्यावरण विद् सुबोध नन्दन शर्मा से झील के सौन्दर्य तथा पक्षियों की आमद बढ़ाये जाने को लेकर गुफ्तगू की। झील के बिकास को मिले बजट से प्राथमिकता वाले कार्यों की जानकारी ली जिसमें आईपोमिया तथा जलकुंभी को हटाने से लेकर वाटर मीटर लगाने, पक्षियों के बैठने तथा उनके दाना पानी की व्यवस्था शामिल हैं।
इसके अलावा उथली हो चुकी झील को गहरा करने की बात पर गंभीरता से बिचार कर प्राथमिकता में शामिल किया गया, साथ ही विभागीय अधिकारियों से पुन: मैनेजमेंट प्लान बनाकर भेजने को कहा। सुबोध नन्दन शर्मा द्वारा झील के आस पास हो रहे निर्माण कार्यों पर चिंता जाहिर की गई। जिसपर प्रमुख सचिव ने वन संरक्षक ललित वर्मा को बताया कि पक्षी बिहार बनने के बाद से ही आसपास हो रहा निर्माण कार्य गैरकानूनी है। उन्हाेंने कहा कि जिलाधिकारी से मिलकर इस पर पाबंदी लगानी चाहिये।
विज्ञापन
हरीतिमा अध्यक्ष ने झील पर स्थाई अध्ययन केन्द्र बनाये जाने की बात पर जोर दिया जिससे कि लोगों को पक्षी विज्ञान के बारे में जानकारी उपलब्ध हो सके। इस पर प्रमुख सचिव तथा वन अधिकारियों से बात की तो उन्होंने वहां बने कमरों का अध्ययन केन्द्र के लिए प्रयोग करने पर सहमति प्रदान की। गुरसिकरन में और अधिक वृक्षारोपण कराने के निर्देश देने के बाद प्रमुख सचिव कासगंज रवाना हो गये। इस दौरान डीएफओ डीपी गुप्ता, एसडीओ अशोक कुमार, वन रेंजर विनय तोष शर्मा, आरओ खैर रामसिंह बिष्ट, सीओ अतरौली सोमदत्त शर्मा सहित डीएफओ कासगंज, सैक्सन आफीसर जय प्रकाश सिंह, कल्याण सिंह तथा ईशाक मौजूद रहे।
उन्होंने झील को गहरा करने पर गंभीरता से विचार करने और मैनेजमेंट प्लान बनाकर भेजने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
शाम चार बजे करीब शेखाझील पहुंचे प्रमुख सचिव ने वन विभाग के कंजर्वेटर ललित वर्मा तथा पर्यावरण विद् सुबोध नन्दन शर्मा से झील के सौन्दर्य तथा पक्षियों की आमद बढ़ाये जाने को लेकर गुफ्तगू की। झील के बिकास को मिले बजट से प्राथमिकता वाले कार्यों की जानकारी ली जिसमें आईपोमिया तथा जलकुंभी को हटाने से लेकर वाटर मीटर लगाने, पक्षियों के बैठने तथा उनके दाना पानी की व्यवस्था शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा उथली हो चुकी झील को गहरा करने की बात पर गंभीरता से बिचार कर प्राथमिकता में शामिल किया गया, साथ ही विभागीय अधिकारियों से पुन: मैनेजमेंट प्लान बनाकर भेजने को कहा। सुबोध नन्दन शर्मा द्वारा झील के आस पास हो रहे निर्माण कार्यों पर चिंता जाहिर की गई। जिसपर प्रमुख सचिव ने वन संरक्षक ललित वर्मा को बताया कि पक्षी बिहार बनने के बाद से ही आसपास हो रहा निर्माण कार्य गैरकानूनी है। उन्हाेंने कहा कि जिलाधिकारी से मिलकर इस पर पाबंदी लगानी चाहिये।
Trending Videos
हरीतिमा अध्यक्ष ने झील पर स्थाई अध्ययन केन्द्र बनाये जाने की बात पर जोर दिया जिससे कि लोगों को पक्षी विज्ञान के बारे में जानकारी उपलब्ध हो सके। इस पर प्रमुख सचिव तथा वन अधिकारियों से बात की तो उन्होंने वहां बने कमरों का अध्ययन केन्द्र के लिए प्रयोग करने पर सहमति प्रदान की। गुरसिकरन में और अधिक वृक्षारोपण कराने के निर्देश देने के बाद प्रमुख सचिव कासगंज रवाना हो गये। इस दौरान डीएफओ डीपी गुप्ता, एसडीओ अशोक कुमार, वन रेंजर विनय तोष शर्मा, आरओ खैर रामसिंह बिष्ट, सीओ अतरौली सोमदत्त शर्मा सहित डीएफओ कासगंज, सैक्सन आफीसर जय प्रकाश सिंह, कल्याण सिंह तथा ईशाक मौजूद रहे।