{"_id":"6a1dedaef2f42992340ff81b","slug":"hearing-in-caa-nrc-violence-case-to-be-held-today-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-164972-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: सीएए-एनआरसी हिंसा मामले में आज होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: सीएए-एनआरसी हिंसा मामले में आज होगी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमरोहा। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध के दौरान वर्ष 2019 में शहर में हुई हिंसा से जुड़े बहुचर्चित मामले की सुनवाई मंगलवार को एडीजे प्रथम की अदालत में होगी। मामले में पुलिस द्वारा दर्ज छह अलग-अलग मुकदमों की सुनवाई न्यायालय में चल रही है।
यह मामला 20 दिसंबर 2019 को हुई हिंसा से जुड़ा है। उस दिन सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान शहर में हालात बिगड़ गए थे। आरोप है कि उग्र भीड़ ने कई स्थानों पर सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, तोड़फोड़ की और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। हिंसा के बाद शहर का माहौल कई दिनों तक तनावपूर्ण बना रहा और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा था। घटना के संबंध में पुलिस ने छह अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थीं। इनमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, लूटपाट, आगजनी, जानलेवा हमला और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए थे।
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने 55 नामजद और करीब 1500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफ के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की। जांच के बाद विभिन्न मामलों में कुल 76 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई। कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था।
विज्ञापन
वर्तमान में सभी संबंधित मामलों की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चल रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बचाव पक्ष भी अपनी दलीलें पेश कर रहा है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सीएए-एनआरसी हिंसा प्रकरण में अगली सुनवाई दो जून को निर्धारित की गई है। मामले की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।
यह मामला 20 दिसंबर 2019 को हुई हिंसा से जुड़ा है। उस दिन सीएए-एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान शहर में हालात बिगड़ गए थे। आरोप है कि उग्र भीड़ ने कई स्थानों पर सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, तोड़फोड़ की और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। हिंसा के बाद शहर का माहौल कई दिनों तक तनावपूर्ण बना रहा और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा था। घटना के संबंध में पुलिस ने छह अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थीं। इनमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, लूटपाट, आगजनी, जानलेवा हमला और कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने 55 नामजद और करीब 1500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में पुलिस ने घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफ के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की। जांच के बाद विभिन्न मामलों में कुल 76 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई। कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था।
Trending Videos
वर्तमान में सभी संबंधित मामलों की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चल रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बचाव पक्ष भी अपनी दलीलें पेश कर रहा है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि सीएए-एनआरसी हिंसा प्रकरण में अगली सुनवाई दो जून को निर्धारित की गई है। मामले की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।