{"_id":"6a1dd9862167c01b37098b3f","slug":"lekhpal-gets-adverse-entry-for-filing-wrong-report-in-complaint-settlement-auraiya-news-c-211-1-aur1006-145890-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: शिकायत निस्तारण में गलत रिपोर्ट लगाने पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: शिकायत निस्तारण में गलत रिपोर्ट लगाने पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
औरैया। आईजीआरएस में प्राप्त शिकायत के निस्तारण में एक लेखपाल शैलेंद्र ने गलत रिपोर्ट लगा दी। डीएम बृजेश कुमार के निर्देश पर लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसकी जांच नायब तहसीलदार बिधूना से कराई गई।
एसडीएम बिधूना निखिल राजपूत ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रवाह भगत गांव निवासी अनिल सविता ने सरकारी ऊसर भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। जिस पर लेखपाल द्वारा फर्जी रिपोर्ट व शिकायत निस्तारण के लिए गवाह के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया था। डीएम ने शिकायत का दोबारा संज्ञान लेते हुए दोबारा जांच के निर्देश दिए थे। इसकी जांच नायब तहसीलदार बिधूना से कराई गई।
नायब तहसीलदार की आख्या के अनुसार लेखपाल द्वारा विपक्षीगण अमर सिंह के संबंध में गलत जानकारी दर्ज की गई। यहां तक कि गवाह के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि इस आख्या के क्रम में लेखपाल शैलेंद्र कुमार वर्मा को प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित की गई है। अवैध कब्जा करने वाले अमर सिंह व उनके पारिवारिक जनों के विरुद्ध राजस्व संहिता 2006 की धारा-67 के तहत सक्षम न्यायालय में संस्थित किया गया है।
विज्ञापन
Trending Videos
एसडीएम बिधूना निखिल राजपूत ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रवाह भगत गांव निवासी अनिल सविता ने सरकारी ऊसर भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत की थी। जिस पर लेखपाल द्वारा फर्जी रिपोर्ट व शिकायत निस्तारण के लिए गवाह के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया था। डीएम ने शिकायत का दोबारा संज्ञान लेते हुए दोबारा जांच के निर्देश दिए थे। इसकी जांच नायब तहसीलदार बिधूना से कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
नायब तहसीलदार की आख्या के अनुसार लेखपाल द्वारा विपक्षीगण अमर सिंह के संबंध में गलत जानकारी दर्ज की गई। यहां तक कि गवाह के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि इस आख्या के क्रम में लेखपाल शैलेंद्र कुमार वर्मा को प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित की गई है। अवैध कब्जा करने वाले अमर सिंह व उनके पारिवारिक जनों के विरुद्ध राजस्व संहिता 2006 की धारा-67 के तहत सक्षम न्यायालय में संस्थित किया गया है।