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Chitrakoot News: सात दिन से पाठा के 12 गांवों की बिजली गुल
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:36 AM IST
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चित्रकूट/ मानिकपुर। पाठा क्षेत्र के कैलहा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े बारह से अधिक गांवों में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति बाधित है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट भी गहरा गया है। लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कैलहा उपकेंद्र से आने वाले कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इनमें छीतूपुर, ठीका पुरवा, आधा कैलहा, आधा सपहा, नई दुनिया, बहिलपुरपुरवा स्टेशन, पुराना बहिलपुरवा, किटहना कोलान रुक्मा, लंकापुरवा, बाबा ताला, छोटी बेलहरी, खदरा व ददरी शामिल हैं। लगातार बिजली बाधित रहने से पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली और पानी दोनों की समस्या ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा ने इस संबंध में प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा है। संगठन का कहना है कि विद्युत व्यवस्था सुचारु होने से क्षेत्र में उत्पन्न पेयजल संकट से भी राहत मिलेगी। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग व प्रशासन की होगी।
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कैलहा उपकेंद्र से आने वाले कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इनमें छीतूपुर, ठीका पुरवा, आधा कैलहा, आधा सपहा, नई दुनिया, बहिलपुरपुरवा स्टेशन, पुराना बहिलपुरवा, किटहना कोलान रुक्मा, लंकापुरवा, बाबा ताला, छोटी बेलहरी, खदरा व ददरी शामिल हैं। लगातार बिजली बाधित रहने से पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली और पानी दोनों की समस्या ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा ने इस संबंध में प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा है। संगठन का कहना है कि विद्युत व्यवस्था सुचारु होने से क्षेत्र में उत्पन्न पेयजल संकट से भी राहत मिलेगी। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग व प्रशासन की होगी।