खुशी हत्याकांड: फ्लैट में बंदकर घूमने जाते थे सौतेली मां-बाप, खिलौना टूटने पर रखा भूखा, पड़ोसियों ने खोले राज
12वीं की छात्रा खुशी की हत्या के बाद उत्पीड़न का खुलासा हुआ। सौतेली मां पिंकी और पिता कपिल उसे घर में बंद कर भूखा रखते थे। खिलौना टूटने पर उसे डंडे से पीटा भी गया था।
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भावनपुर थाना क्षेत्र में हुई 12वीं की छात्रा खुशी की हत्या के बाद गोकुलधाम सोसाइटी के लोगों ने उसके उत्पीड़न की जानकारी दी। ननिहाल पक्ष के लोगों का कहना है कि उन्हें बताया गया कि सौतेली मां पिंकी और पिता कपिल उसे घर में बंद कर घूमने चले जाते थे। कछुआ (खिलौना) टूटने पर उसे तीन दिन भूखा रखा गया था।
हापुड़ के पन्नापुरी निवासी खुशी के मामा भूपेंद्र शर्मा और मौसी ने बताया कि वह वारदात के खुलासे के बाद बुधवार को वह सोसाइटी में सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पहुंचे थे। सीसीटीवी के चालू न होने पर उन्होंने निवासियों से बात की। खुशी के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि पांच दिन पहले उनके बच्चे का जन्मदिन था। उन्होंने खुशी को भी जन्मदिन में बुलाया था।
खुशी की आंख पर चोट का निशान देखकर उसकी सौतेली मां पिंकी से पूछा तो उसने कहा कि वह बाथरूम में फिसलकर गिर गई थी। मां से अलग होने पर उन्होंने खुशी से पूछा तो उसने बताया कि सफाई करते समय उसके हाथ से घर में रखा कछुआ टूट गया था। इस बात पर उसे डंडे व बेलन से पीटा गया और तीन दिन तक खाना नहीं दिया था।
एक अन्य महिला ने बताया कि कपिल और पिंकी जब भी घूमने जाते थे। वह खुशी को फ्लैट में बंद कर जाते थे। वह सभी से मुस्करा कर प्रणाम करती थी। पुलिस ने वारदात के बाद आरोपी को उसके फ्लैट में ले जाकर क्राइम सीन रीक्रेट कराया तो गेट से गुजरते समय सुरक्षाकर्मी ने आरोपियों को खरी खोटी सुनाई थी।
एक ऑडियो में स्कूल बस से बात कर रही खुशी
भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी खुशी को बात करने के लिए मोबाइल नहीं देते थे। इसके चलते वह स्कूल और स्कूल बस में किसी से मोबाइल लेकर बात करती थी। उसकी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में वह स्कूल बस से बात करने की जानकारी दे रही है। वह बता रही है कि आरोपी उस पर शादी का दबाव बना रहे हैं। इस पर उसकी मौसी भागकर हापुड़ आने की सलाह दे रही हैं।
अन्य आरोपियों के खिलाफ जुटा रहे साक्ष्य
गोकुलधाम सोसाइटी निवासी कपिल शर्मा ने दूसरी पत्नी पिंकी के साथ मिलकर 26 मई मंगलवार तड़के लगभग चार बजे बेटी खुशी की तकिये से मुंह व गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने बेटी के शव को बृजघाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। अंतिम संस्कार में कपिल के अन्य परिजन भी शामिल रहे थे।
इसके चलते भूपेंद्र शर्मा खुशी के दादा व चाचा पर भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार यानी आज वह इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने मेरठ आएंगे। एसपी देहात अभिजीत कुमार का कहना है कि साक्ष्य छिपाने में किसी की संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पहले प्रीति, फिर सात माह की बच्ची और अब खुशी
भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्ष 2017 में उनकी बहन प्रीति की हत्या की गई थी। उसने मौत से पहले अपनी मां को ससुराल में हो रहे उत्पीड़न के संबंध में पत्र लिखा था। लगभग दो साल पहले पिंकी के दूसरी बेटी हुई थी। जब वह सात माह की थी तब उसकी भी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पिंकी चाहती थी कि उसके बेटा हो। इसलिए वह खुशी का उत्पीड़न करती थी और कपिल को उसके खिलाफ भड़काती थी।
सौतेली मां ने किया ममता का कत्ल
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मां-पिता के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां, भावनपुर की गोकुलधाम सोसाइटी में 12वीं की छात्रा खुशी की सोते समय हत्या कर दी गई। पिता कपिल शर्मा और सौतेली मां पिंकी ने तकिया से उसका गला घोंटा। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। खुशी ने पहले ही जान का खतरा बताया था।
यह है मामला
गोकुलधाम सोसाइटी में 12वीं की छात्रा खुशी उर्फ खुशबू की हत्या सोते समय मंगलवार सुबह लगभग चार बजे कर दी गई थी। सौतेली मां पिंकी ने उसके पैर पकड़ लिए थे और पिता कपिल शर्मा उसके मुंह पर तकिया रखकर बैठ गया था। आरोपी छात्रा की जान निकलने तक तकिया रखकर बैठा रहा। बुधवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि कपिल और पिंकी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह तीन दिन से खुशी की हत्या करने की फिराक में थे, लेकिन मौका नहीं मिल रहा था। कपिल परतापुर स्थित एक दूध डेयरी के प्लांट में काम करता था। सोमवार रात को वह नाइट ड्यूटी पर गया था और मंगलवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे वापस घर लौटा।
उसने देखा कि सोसाइटी का सुरक्षाकर्मी सो रहा है। उसने फ्लैट पर आकर पिंकी को इसकी जानकारी दी और सोते समय खुशी के मुंह व गले पर तकिया रखकर हत्या कर दी। इसके बाद कपिल और पिंकी कार में खुशी का शव लेकर मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-3 स्थित अपने पिता जगमोहन शर्मा के घर पहुंचे। इसके बाद अंतिम यात्रा वाली बस से अन्य परिजनों को बृजघाट ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। चार साल पहले पिंकी के बेटी होने के बाद से आरोपियों ने खुशी का उत्पीड़न शुरू कर दिया था।
खुशी को लग गई थी भनक, मौसी को बताया था
खुशी मौसी व अन्य परिजनों को कॉल कर पहले ही जान को खतरा बताते हुए हत्या की आशंका जता चुकी थी। इसके बावजूद आरोपी हत्या के कारण के संबंध में पुलिस को गुमराह करते रहे। आरोपी उसके चरित्र पर ही उंगली उठाने लगे। आरोपियों का कहना था कि उसके स्कूल से शिकायत आ रहीं थीं कि वह मोबाइल मांग कर किसी से बात करती है। उसके मामा का कहना है कि आरोपी ननिहाल में बात करने के लिए भी उसे मोबाइल नहीं देते थे। हालांकि इस संबंध में पुलिस छात्रा के स्कूल प्रबंधन से जानकारी हासिल करेगी।
जागृति विहार में की मारपीट
मंगलवार दोपहर तीन बजे पड़ोसी से खुशी की मौत की सूचना मिलने पर हापुड़ के पन्नापुरी निवासी उसके मामा भूपेंद्र शर्मा व अन्य परिजन जागृति विहार पहुंचे थे। कुछ देर बाद ही कपिल व उसके परिजन बृजघाट में खुशी का अंतिम संस्कार कर लौट आए। तब भूपेंद्र शर्मा के परिजनों ने उनसे कहा कि तुमने बेटी को मार डाला। इस बात पर आरोपियों ने ननिहाल पक्ष के लोगों से मारपीट कर दी।
खुशी की मां की भी हत्या का आरोप
खुशी के मामा भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी बहन प्रीति का विवाह वर्ष 2009 में कपिल से हुआ था। वर्ष 2017 में प्रीति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। आरोप है कि प्रीति की भी आरोपी कपिल ने हत्या कर दी थी। उनके एक बेटी खुशी और बेटा राधे थे। छह माह बाद ही कपिल ने पिंकी से दूसरा विवाह कर लिया था। कपिल मूलरूप से मुंडाली थाना क्षेत्र के समयपुर गांव का रहने वाला है। वह दूसरी पत्नी पिंकी, खुशी और राधे के साथ गोकुलधाम सोसाइटी में रहने लगा था।
ये बोले एसपी
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वारदात में प्रयोग किया गया तकिया बरामद किया है। अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। - अभिजीत कुमार, एसपी देहात