वाराणसी: नीलगिरी कंपनी के खिलाफ कई धोखाधड़ी और ठगी के मामले सामने आ चुके हैं
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने एक वीडियो ट्वीट किया है। जिसमें एक निवेशक को एक कंपनी के ऑफिस में पीटा जा रहा है। उनका कहना है कि यह कंपनी के ही लोग हैं। यह कंपनी फर्जीवाड़ा कर लोगों से निवेश कराती है, लेकिन निवेशकों का पैसा नहीं देती है। इसको बाहुबलियों और पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है।
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वाराणसी में रियल इस्टेट कारोबारियों की बनाई हुई कंपनियां ठगी और धोखाधड़ी कर जनता की गाढ़ी कमाई लूट रही हैं। ठगी का विरोध करने पर शाइन सिटी के बाद वाराणसी में एक बार फिर रियल इस्टेट कंपनी नीलगिरी के मलदहिया स्थित कार्यालय में निवेशक को बंद करके मारा पीटा और धमकाया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने वायरल वीडियो को वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को ट्वीट किया। उन्होंने नीलगिरी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह और एमडी रितु सिंह सहित अन्य के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व आईपीएस ने कहा कि नीलगिरी ग्रुप ऑफ कंपनी को बाहुबलियों और पुलिस प्रशासन का संरक्षण है।
पुलिस कमिश्नर वाराणसी सहित अन्य को भेजी अपनी शिकायत में पूर्व आईपीएस ने कहा कि वीडियो में नीलगिरी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह व एमडी रितु सिंह ने लोगों के साथ फर्जीवाड़ा कर धन निवेश कराया है। साथ ही मांगने पर पैसा नहीं दिया जा रहा है। इस कंपनी को कई स्थानीय पुलिस अफसरों व बाहुबलियों का समर्थन है, जिस कारण ये लोग निवेशकों को डरा-धमका कर रखते हैं और कई बार अपने गुंडों से मारपीट भी करवाते हैं। जैसा कि वीडियो में दिख भी रहा है।
वीडियो में विकास सिंह व रितु सिंह द्वारा एक व्यक्ति को खुलेआम धमकी देने के साथ ही पिटाई की जा रही है। कंपनी के सीएमडी व एमडी द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि उनकी कंपनी पर सीबीआई का केस होने और एक व्यक्ति के शाइन सिटी छोड़ कर उनकी कंपनी में आने के बाद कुछ ही सालों में कई करोड़ की कोठी बना ली।
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कहा कि नीलगिरी कंपनी के फर्जीवाड़े, वित्तीय गड़बड़ी के कई मामले सामने आए हैं। लेकिन इसमें निवेश करने वाले लोग कंपनी के लोगों से बहुत डरे हुए हैं। क्योंकि कंपनी के लोग खुलेआम गुंडागर्दी करते हैं और कार्यालय में बंद करके मारते हैं। वहीं कंपनी पर शहर के विभिन्न थानों में ठगी और धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं।