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Chamoli News: एक हॉल और पुस्तकालय कक्ष में रह रहे हैं बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 27 May 2026 06:24 PM IST
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कर्णप्रयाग। श्री बद्रीश कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय डिम्मर सिमली में सुविधाओं का भारी अभाव है। यहां छात्रावास जर्जर होने के कारण लगभग 40 छात्र एक हॉल और एक पुस्तकालय कक्ष में रहने को मजबूर हैं जबकि उनके लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है।
वेद और ऋचाओं के वाचन के लिए भी कोई कक्ष नहीं है जिससे छात्रों को बरामदे में पढ़ाई करनी पड़ती है। यह महाविद्यालय 116 साल पहले स्थापित हुआ था और जनवरी 2020 में इसे श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को हस्तांतरित किया गया था। हस्तांतरण के बावजूद यहां सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। कर्मकांड, वेद और योग विषयों के शिक्षकों के पद भी रिक्त पड़े हैं। महाविद्यालय के पूर्व प्रबंधक अशोक डिमरी, प्रणवेंद्र प्रसाद डिमरी आदि ने मंदिर समिति और शासन-प्रशासन से व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. माता राम पुरोहित ने उच्चाधिकारियों को शिक्षकों के रिक्त पदों पर तैनाती, प्रार्थना कक्ष और छात्रावास भवन के निर्माण के लिए पत्र लिखा है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी एसएस रांगड़ ने बताया कि जल्द ही महाविद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया।
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वेद और ऋचाओं के वाचन के लिए भी कोई कक्ष नहीं है जिससे छात्रों को बरामदे में पढ़ाई करनी पड़ती है। यह महाविद्यालय 116 साल पहले स्थापित हुआ था और जनवरी 2020 में इसे श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को हस्तांतरित किया गया था। हस्तांतरण के बावजूद यहां सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। कर्मकांड, वेद और योग विषयों के शिक्षकों के पद भी रिक्त पड़े हैं। महाविद्यालय के पूर्व प्रबंधक अशोक डिमरी, प्रणवेंद्र प्रसाद डिमरी आदि ने मंदिर समिति और शासन-प्रशासन से व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. माता राम पुरोहित ने उच्चाधिकारियों को शिक्षकों के रिक्त पदों पर तैनाती, प्रार्थना कक्ष और छात्रावास भवन के निर्माण के लिए पत्र लिखा है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी एसएस रांगड़ ने बताया कि जल्द ही महाविद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया।
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