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VIDEO : जनगणना-2027: 33 सवाल, नक्शा और सीमांकन ने बढ़ाई प्रगणकों की मुश्किलें
अंबेडकरनगर। जनगणना-2027 के तहत मकानों की गणना, लिस्टिंग और नंबरिंग का कार्य गांव-गांव चल रहा है लेकिन भीषण गर्मी और तकनीकी दिक्कतों के बीच प्रगणकों के लिए यह काम किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सुबह छह बजे से घर-घर पहुंचकर सर्वे करने वाले गणनक अब तेज धूप, सीमांकन विवाद और लोगों को समझाने की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं।
जलालपुर क्षेत्र के ग्राम सेमरा में जनगणना कार्य कर रहे प्रगणक शिक्षक विपिन कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ी समस्या सीमांकन और नजरी नक्शा तैयार करने में आ रही है। कई स्थानों पर मकानों और जमीन की स्पष्ट जानकारी नहीं होने से नक्शा बनाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लेखपाल की मौजूदगी बेहद जरूरी है क्योंकि जमीन और सीमांकन संबंधी जानकारी सबसे बेहतर तरीके से वही दे सकते हैं।
इसके अलावा जनगणना के दौरान लोगों को पहले पूरी प्रक्रिया समझानी पड़ रही है तब जाकर वे जानकारी देने के लिए तैयार हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग 33 सवालों को लेकर असहज हो जाते हैं जिसके कारण एक-एक घर में काफी समय लग रहा है। कई बार परिवार के सदस्य अलग-अलग जानकारी देते हैं जिससे डेटा भरने में भी परेशानी बढ़ रही है।
भीषण गर्मी ने हालात और कठिन बना दिए हैं। प्रगणकों के अनुसार सुबह 10 बजे तक ही घर-घर जाकर सर्वे करना संभव हो पा रहा है। इसके बाद तेज धूप और उमस के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। दिन के बाकी समय में जुटाई गई जानकारी को पोर्टल पर अपलोड करना पड़ रहा है।
प्रगणकों का कहना है कि सुबह छह बजे से लगातार गांवों में घूमकर सर्वे करना, लोगों को समझाना, मकानों की नंबरिंग करना, नजरी नक्शा तैयार करना और 33 कॉलम वाले फॉर्म को भरना अब बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन की ओर से तकनीकी सहयोग और फील्ड स्तर पर अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद मिले तो जनगणना कार्य और तेजी से पूरा हो सकता है।
जनगणना में लगे शिक्षक सुपरवाइजर और प्रगणक समस्याओं के निस्तारण के लिए हम त्वरित कार्य कर रहे हैं। आवश्यकतानुसार लेखपालों को भी सीमांकन कराने के लिए भेजा जा रहा है। प्रत्येक दिन किए गए जनगणना की समीक्षा और उसे उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट बराबर भेजी जा रही है। - निखलेश कुमार, तहसीलदार/चार्ज अधिकारी जलालपुर
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