रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की लिखित परीक्षा का पेपर हरियाण के युवकों ने ही लीक करवाया है। साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि एसएमएस के जरिए सोल्व पेपर भेजने के लिए हर कैंडीडेट से तीन-तीन लाख रुपये लिए गए थे। डेढ़ लाख रुपये पेपर देने से पहले और बाकी डेढ़ लाख रुपये पेपर हो जाने के बाद लेने थे।
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पता होता था कोड
जांच में पता चला है कि पेपर लीक करवाने वाले गिरोह के सदस्यों को आवदेक को मिलने वाली उत्तर पुस्तिका का कोड तक पता होता था।
उसी कोड के हिसाब से सदस्य लिखित परीक्षा देने वाले युवकों को मैसेज भेजते थे। इससे साफ हो गया कि गिरोह के सदस्यों के साथ रेलवे के कर्मचारी मिले हो सकते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं हरियाणा के युवक
नकल करवाने में हरियाणा के युवक पहले भी पकड़े जा चुके हैं। सीटीयू की लिखित परीक्षा में सीबीआई ने एक दर्जन युवकों को पकड़ा था।
इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल केपद के लिए लिखित परीक्षा में हरियाणा के युवक एक दूसरे की जगह पेपर देते हुए पकड़े गए। फायरमैन भर्ती में भी हरियाणा के युवकों ने रुपये लेकर एक दूसरे की जगह लिखित परीक्षा दी थी।
बाकी सदस्यों पर नजर
साइबर सेल के डीएसपी राजेश कालिया ने बताया कि नकल कराने वाले गिरोह के अन्य सदस्य भी जल्द ही गिरफ्त में होंगे। मोबाइल सर्विलांस से उन्हें ट्रेस किया जा रहा है।
सीबीआई से मिला अलर्ट
सीबीआई को रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी की लिखित परीक्षा का पेपर मोबाइल केजरिए लीक होने की जानकारी एक सप्ताह पहले ही मिल गई थी।
मामले में शिकायतकर्ता न मिलने पर सीबीआई ने पेपर लीक की जानकारी रेलवे भर्ती बोर्ड के अधिकारियों को दी थी। रेलवे के अधिकारियों ने पेपर लीक गिरोह को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस से सम्पर्क किया था।