अंबाला। जिला अंबाला का गांव दुराना मंगलवार को हरियाणा और देश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां लोगों को सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग की योजनाओं की राशि का भुगतान आधार कार्ड के माध्यम से किया गया है। गांव दुराना के राजीव गांधी सेवा केंद्र में समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक केएस गिल की उपस्थिति में आईसीआईसीआई बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक और उनकी टीम ने गांव के 100 से अधिक लाभपात्रों की पेंशन माइक्रो एटीएम से उनके आधार कार्ड के माध्यम से प्रदान की। इसके साथ ही हरियाणा को देश का पहला ऐसा राज्य होने का भी गौरव हासिल हुआ है, जहां कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभपात्रों को आधार कार्ड से उपलब्ध करवाने की शुरूआत की जा चुकी है।
केएस गिल ने बताया कि दुराना गांव में वृद्धावस्था, विकलांग, निराश्रित और विधवा पेंशन के लाभपात्रों की संख्या 219 है और इनमें से 193 लाभपात्रों के पास आधार कार्ड पहले से ही उपलब्ध है। इन सभी लाभपात्रों को योजना का लाभ आधार कार्ड से प्रदान किया जा रहा है। अगले माह से शेष 26 लाभपात्रों को भी आधार कार्ड के माध्यम से ही यह पेंशन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए प्रदेश के अंबाला और सोनीपत जिलों को चुना गया है और इस सुविधा की शुरूआत मंगलवार को विधिवत रूप से गांव दुराना से की गई है। उन्होंने कहा कि दुराना के नजदीक लगते अंबाला प्रथम विकास खंड के गांव औजलां, फजैलपुर और मालवा के लाभपात्रों के आधार कार्ड की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी और आगामी माह में इस विकास खंड के लगभग 10 गांवों में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूडीआई) के प्रतिनिधि नवीन बंसल ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ भी लाभपात्र को आधार कार्ड के माध्यम से दिया जाएगा और इसके लिए भी माइक्रो एटीएम प्रयोग किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2013 से मनरेगा के तहत मजदूरी करने वाले लोगों को भी यह सुविधा प्रदान करने की योजना है और केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न अनुदान योजनाओं का लाभ भी आधार कार्ड के माध्यम से ही दिया जाएगा। ऐसा करने से पैसा सीधे तौर पर लाभपात्र के पास पहुंचेगा और बीच में किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश नही रहेगी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक आरएस बधवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी विशाल सैनी, गांव के सरपंच सुरेंद्र मोहन के अतिरिक्त प्रशासन और आईसीआईसीआई बैंक के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।