अंबाला। कैंट के अंबाला-जगाधरी रोड स्थित तीन स्कूलों की छुट्टी के वक्त विद्यार्थियों पर खतरा मंडराता रहता है। ये वे स्कूल हैं, जिनमें हजारों बच्चे पढ़ते हैं लेकिन ट्रैफिक इतना अधिक है कि यहां पर हर समय बच्चों के लिए खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा खतरा ऑटो चालकों से है जो स्कूल से सवारी उठाने के चक्कर में अचानक ब्रेक लगाते हैं।
अंबाला-जगाधरी रोड पर डीएवी सीनियर सेकेंडरी, डीएवी पब्लिक स्कूल और एसडी विद्या स्कूल हैं। इन स्कूलों की छुट्टी के वक्त ऐसे हालात बन जाते हैं कि विद्यार्थियों पर हमेशा खतरा बना रहता है। कुछ साल पहले यहां पर ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी की तैनाती की गई थी और उसके लिए यहां पर बाकायदा बूथ भी रखा गया लेकिन अचानक ही कर्मचारी को हटा लिया गया और तभी से यह हालात बने हुए हैं। सुबह के समय तो हालात इतने अधिक खराब नहीं रहते जबकि दोपहर के समय तो स्थिति कई बार बिगड़ जाती है। इसी हाईवे से ट्रैफिक इस कदर गुजरता है कि कई बार हादसे होते-होते बचे हैं।
ऑटो चालकों से बड़ा खतरा
स्कूल की छुट्टी होने पर ऑटो चालकों से सबसे बड़ा खतरा है। ये ऑटो चालक अपनी मनमर्जी से वाहन को ब्रेक लगाते हैं, जिससे कई बार पीछे आ रहे वाहन भिड़ने से बचे हैं। इतना ही नहीं बिल्कुल स्कूल के सामने ही ब्रेक लगाई जाती है जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। यदि इनसे कुछ कहें, तो यह अभद्र भाषा पर उतर आते हैं।
गायब हो गया स्पीड ब्रेकर
इन तीनों स्कूलों के बाहर इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाया गया था लेकिन इस मार्ग को बनाने के चक्कर में बजरी और तारकोल की मोटी परत चढ़ती गई जिससे यह स्पीड ब्रेकर ही गायब हो गया। इसके बाद से हालात पूरी तरह से बेकाबू हैं।
ये कहते हैं लोग
कैंट के वीरेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र शर्मा, कविता जैन, शुभम, रोहित, जसकरण सिंह, गोविंद बत्रा का कहना है कि स्कूलों के बाहर, छुट्टी के दौरान ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए। सिर्फ 30-45 मिनट की बात है और इस दौरान यदि कर्मचारी तैनात रहे तो खतरा काफी कम हो सकता है।
‘इन स्कूलों के बाहर ट्रैफिक के हालात को लेकर शिकायत मिली है। इस बारे में हल निकाला जा रहा है, जबकि पुलिस जिप्सी को भी पेट्रोलिंग के लिए कहा गया है। जल्द ही कोई न कोई व्यवस्था बनाई जाएगी।’
राहुल देव, एसीपी अंबाला कैंट ।