पधर (मंडी)। बेरोजगार युवाओं को जाली बीजा पर विदेश भेजने वाली कंपनी के संचालक को पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस ने इस कबूतरबाज को चंडीगढ़ के 38 सेक्टर हाउस नंबर 787 वैस्ट डडू माजरा से दबोचा। जो यहां किराए का मकान लेकर रह रहा था। 15 अगस्त को चंडीगढ़ रवाना हुई पधर पुलिस टीम आरोपी को ले कर शनिवार देर सांय लौटी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष मार्च में थाना में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की गई थी। आरोपी रवनीत सिंह मान ने वर्ष 2010 में वोक्स ओवरसीज कंपनी के नाम से अखबारों में विज्ञापन दिया था। नारला निवासी दिनेश कुमार आरोपी के संपर्क में आया। बीजा के नाम पर मोटी रकम डकारने के बाद उसने दिसंबर 2011 में दिनेश को काल कर सूचित किया कि उसका कनाडा का टिकट 5 जनवरी का है। पिता की मृत्यु होने पर दिनेश ने टिकट तिथि को आगे बढ़ाने की रवनीत सिंह से गुजारिश की, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। उसने दिनेश से कुछ और राशि मांगी, जिसे देने से दिनेश ने साफ इंकार कर दिया। उस दिन के बाद रवनीत ने दिनेश से संपर्क तोड़ दिया। दिनेश ने उसके मोबाइल के पांच नंबर नोट कर रखे थे, जो सभी स्विच आफ थे।
पुलिस टीम दिनेश को अपने साथ चंडीगढ़ ले गई। जहां उसने रवनीत की दी गई रसीदों के पते पर दबिश दी। लेकिन पता फ्राड निकला। पुलिस मामले की तफ्तीश करते हुए कबूतरबाज की पहचान रवनीत सिंह मान 33 पुत्र बलदेव सिंह निवासी डडू माजरा चंडीगढ़ तक पहुंची। 17 अगस्त को देर रात रवनीत अपने निवास लौटा और पुलिस ने उसे दबोच लिया। दिनेश ने 2 लाख 9 हजार की राशि उसके बैंक अकाउंट में डाली थी। पधर पुलिस थाना प्रभारी संजीव सूद ने एएसआई रूप सिंह, पीएसआई अमरीक चंद और आरक्षी किशन चंद को आरोपी की धरपकड़ के लिए रवाना किया।
आरोपी को रविवार को जोगिंदरनगर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। थाना प्रभारी संजीव सूद ने बताया कि जाली बीजा के नाम से एक बड़ा गिरोह होने की बात सामने आई है। आरोपी के माध्यम से पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचेगी। पूछताछ में आरोपी ने गिरोह का मुखिया हिसार का मनदीप सिंह बताया। वहीं मुगल करनाल का दीपक मेहता भी गिरोह से जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक मंडी अभिषेक दुल्लर ने कहा कि जाली बीजा के नाम से एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।