बांदा। नगर पालिका के बनवाए नाले में खुदाई से निकली मिट्टी बेच दी गई। अब बारिश में नाला धंस रहा है तो उसमें कूड़ा-करकट भरकर पुराई की जा रही है। बारिश से यह कूड़ा सड़ांध पैदा करके आसपास के लोगों के जीना दूभर किए हुए है।
इसी क्षेत्र के बाशिंदे और प्रवास सोसायटी के आशीष सागर ने बताया कि वार्ड-14 में जंगल दफ्तर मार्ग में नगर पालिका ने आठ माह पूर्व 300 मीटर लंबा पक्का नाला बनवाया था। खुदाई के समय जो मिट्टी निकली, उसे ठेकेदार ने बेच लिया। अब नाले के इर्दगिर्द बारिश से मिट्टी धंस गई है। नाले में भी दरारें पड़ गईं। इसे पाटने के लिए नगर पालिका वन विभाग के ट्रैक्टर ने कई दिन से कचरा लादकर डलवा रही है। यह कूड़ा बारिश में सड़ांध पैदा करके आसपास के लोगों को बीमारी का न्योता दे रहा है। वन विभाग का ट्रैक्टर नगर पालिका का कूड़ा ढो रहा है। इसी के नजदीक आरसीसी सड़क और इंटरलॉकिंग पहले ही धंस चुकी है। उधर, इस बारे में नगर पालिका प्रभारी ईओ/एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा ने कचरा डालने से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने पालिका के सफाई निरीक्षक हरीशंकर निरंजन और लिपिक भूरागढ़ी त्रिपाठी से पूछताछ की। दोनों ने भी पल्ला झाड़ लिया। आशीष ने इसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।