परशुरामपुर। क्षेत्र के नेउरी राम बख्श में चल रही प्रज्ञा पुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास पंडित विवेक शुक्ल ने परिवार निर्माण की कथा सुनाई। कहा कि गृहस्थ जीवन एक तपोवन है। इसमें साधना करते हुए जीवन के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने परिवार चलाने के लिए पंचशील सिद्धांत की चर्चा की। इसके तहत स्वच्छता व सुव्यवस्था, प्यार एवं सहकार, आपस में शालीनता एवं सहनशीलता, श्रम एवं ईमानदारी से धनोपार्जन एवं आस्तिकता एवं धार्मिकता के महत्व को बताया। कहा कि इन पांचों सिद्धांतों को अपनाकर अपने परिवार व समाज का निर्माण किया जा सकता है। व्यास ने कहा कि घर में पूजा की वेदी बनाई जाए। बच्चों से नित्य पूजा तथा दान कराया जाए। उन्हें सत्संग और स्वाध्याय से जोड़ा जाए। इसके लिए धार्मिक और महापुरुषों से जुड़ी पुस्तकों का इंतजाम होना चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर 108 दीप जलाकर दीप यज्ञ किया गया। इसमें क्षेत्र के तमाम लोगों ने हिस्सा लिया। दीप यज्ञ के महत्व को बताते हुए व्यास ने कहा कि दीपक त्याग का प्रतीक है। वह स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देने की प्रेरणा देता है। इस दौरान लोगों ने नशे से दूर रहने, शाकाहार, दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का वचन लिया गया।