प्रधानजी विकास कार्य कराने में
होंगे पास तो गांव बनेगा ‘स्मार्ट’
हापुड़। सरकार साफ-सफाई और अन्य सरकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने वाली ग्राम पंचायतों को न सिर्फ पुरस्कृत करेगी बल्कि इन्हें स्मार्ट पंचायत के रूप में विकसित भी करेगी। योजना को लागू कर ऐसी ग्राम पंचायतों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश से कुल 2463 ग्राम पंचायतों को इनाम देने का फैसला किया है। हर विकास खंड से ऐसी तीन ग्राम पंचायतों को चुना जाएगा जो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, ओडीएफ साहित विभिन्न मामलों में अग्रणी हैं। इन ग्राम पंचायतों को चयनित कर इनके प्रधानों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
यह होगा चयन का आधार
गांवों का चयन जनपद परफारमेंस असेसमेंट समिति करेगी, जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी व उपाध्यक्ष डीपीआरओ होंगी। इसके लिए सौ अंकों में पंचायतों को विभिन्न कार्यों के लिए अंक दिए जाएंगे।
ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली के लिए 15 अंक दिए जाएंगे। जिनमें ग्राम पंचायत, ग्राम सभा व ग्राम पंचायत समितियों की बैठकों का ब्यौरा देखा जाएगा। 20 अंक स्वच्छता के होंगे। जिनमें खुले में शौच मुक्त, तरल व ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन की स्थिति देखी जाएगी। 15 अंक ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के होंगे।
बताया गया है कि 30 अंक विकास कार्यनागरिक सेवाओं के होंगे। जिनमें पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइन व्यवस्था, स्वच्छ आंगनबाड़ी, स्वच्छ विद्यालय, आंतरिक गलियों आदि की स्थिति देखी जाएगी। 20 अंक ई-गर्वनेंस को दिए जाएंगे। जिनमें एक्शन साफ्ट/प्रिया साफ्ट पर ग्राम पंचायतों द्वारा कार्ययोजना में किए गए कार्यों के सापेक्ष व्यय की फीडिंग व एम-एसेट पर ग्राम पंचायत में उपस्थित चल अचल संपत्तियों की जियो टैंगिग को आंका जाएगा।
ऐसे होगा ग्राम पंचायतों का चयन
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायतें स्वमूल्यांकन करेंगी। इसके बाद प्रधान राज्य स्तर पर निर्मित ऑन लाइन प्रश्नावली को भरकर आवेदन करेंगे। इसके बाद जिला परफारमेंस एसेसमेंट समिति संबंधित गांवों का भौतिक सत्यापन करेंगी। जिसके बाद इन ग्राम पंचायतों का चयन होगा।
सरकार गांवों का स्मार्ट पंचायत के रूप में करेगी विकास
प्रत्येक विकास खंड में तीन ग्राम पंचायतों को पुरस्कार के लिए चुनकर सरकार इन्हें पुरस्कृत करने के साथ स्मार्ट पंचायत के रूप में विकसित करेगी। गांव बिजली पानी की मूलभूत सुविधाओं के साथ यातायात, इंटरनेट से लैस होंगे। इन गांवों में ग्रामीणों को वाईफाई की सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में इन गांवों को प्राथमिकता दी जायेगी।
डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि अपर मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। स्वच्छता और दूसरे कार्यों में अग्रणी ग्राम पंचायतों के साथ दूसरी पंचायतों के प्रोत्साहन के लिए यह बेहतर योजना है।