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पूर्व महिला प्रधान की हत्या, पुलिस ने गायब की लाश

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 16 Dec 2016 12:33 AM IST
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 सदर कोतवाली क्षेत्र के सेलरहा पश्चिम गांव की पूर्व प्रधान गोमती देवी की हत्या हो चुकी है। वह सत्संग के लिए आठ दिन पहले घर से निकली थीं। हत्या की यह वारदात सैनी थाना क्षेत्र के घोसियाना सिपाह गांव में गंगा नदी किनारे अंजाम दी गई थी। रविवार को झाड़ियों के बीच पूर्व प्रधान का शव मिला था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी, पुलिस भी पहुंची, लेकिन शव गायब हो गया। बुधवार को गंगा नदी में महिला का दोबारा शव मिला तो सैनी व प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने की पुलिस पहुंची। घंटों कवायद के बाद दोनों थानों की पुलिस वापस आ गई, लेकिन शव कौन ले गया, यह कोई बताने को तैयार नहीं। शिनाख्त हुई तो दोनों थानों की पुलिस ने अपने सूत्रों से शव की खोजबीन शुरू करा दी है। एसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
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    सेलरहा पश्चिम की गोमती देवी (46) पत्नी सुरेश चंद्र पूर्व प्रधान थीं। पूर्व प्रधान के दो बेटे शैलेश कुमार, लवलेश कुमार व इकलौती बेटी माला देवी हैं। आठ दिसंबर को वह सैनी थाना क्षेत्र के गुलामीपुर गांव के समीप होने वाले सत्संग में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। देर शाम तक गोमती देवी नहीं लौटी तो बेटे खोजबीन करने निकले। पता न चलने पर शमसाबाद चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी गई। रविवार को सैनी के घोसियाना सिपाह गांव में गंगा नदी किनारे झाड़ियों में एक महिला का शव मिला। महिला का एक पैर काटा गया था। इसकी सूचना गांव वालों ने सैनी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस पहुंची, पूछताछ हुई, इसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में शव गायब हो गया। बुधवार की दोपहर महिला का शव सैनी व प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के बरगदहा गांव के सामने गंगा नदी के बीच मिला।

स्थानीय लोगों ने महिला के शव का फोटो मोबाइल से खींचा और पुलिस को सूचना दी। सैनी व मानिकपुर थाने की पुलिस पहुंची। शाम तक जांच होती रही। सैनी पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मानिकपुर थाने की पुलिस शव लेकर गई। गुरुवार को गोमती देवी के बेटे शैलेश कुमार व लवलेश कुमार रिश्तेदारों के साथ घोसियाना सिपाह पहुंचे। पूछताछ की तो लोगों ने महिला के शव का फोटो दिखाया तो दोनों ने साड़ी व स्वेटर के आधार पर अपनी मां के रूप में पहचान की, साथ ही दहाड़े मारकर रो पड़े। शैलेश रिश्तेदारों के साथ मानिकपुर थाने पहुंचा तो पता चला कि कोई शव ही नहीं मिला। इसकी जानकारी होते ही उनके होश उड़ गए। दोनों बेटे देर शाम तक यही पता लगाते रहे कि आखिर उनकी मां का शव कहां है।
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