सिद्धार्थनगर। इटवा ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षा की नींव अब और मजबूत होगी। ब्लॉक क्षेत्र के अति पिछड़े इलाके को शिक्षा से बूस्टर डोज देने के लिए मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय मिला है। कठेला क्षेत्र स्थित इनरीग्रांट गांव में मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय की स्थापना की मंजूरी मिलने के बाद इलाके में उम्मीद की नई किरण जगी है।
करीब 25.69 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आवासीय विद्यालय के लिए शासन ने वित्तीय स्वीकृति देते हुए प्रथम चरण में नौ करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं, जबकि निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। अगले माह से निर्माण शुरू हो जाएगा। यह विद्यालय पांच एकड़ एरिया में रहेगा, इसमें खेल ग्राउंड सहित सारी सुविधाएं रहेंगी।
जनपद पश्चिम दिशा में बलरामपुर बाॅर्डर से सटा हुआ है। इटवा ब्लॉक क्षेत्र के कठेला इलाके में बाढ़ प्रभावित इलाके में अब तक बेहतर शैक्षिक संसाधनों की भारी कमी रही है। दूरदराज के बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों का रूख करना पड़ता था। आने वाले दिनों में पिछड़ेपन का दाग हमेशा के लिए धुल जाएगा। यहां क्षेत्र के इनरीग्रांट गांव में मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय बनेगा। केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय की तर्ज पर संचालित होने वाला यह आवासीय विद्यालय ग्रामीण प्रतिभाओं को नया मंच देगा।
-
नवोदय और केंद्रीय विद्यालय की तरह होगा पाठ्यक्रम
इटवा ब्लॉक क्षेत्र के यह इलाका पिछले क्षेत्र में शामिल है। तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय दूर है। प्रस्तावित विद्यालय में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल मैदान और शारीरिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। छात्रों के व्यक्तित्व विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम और संसाधनों को उसी स्तर का रखा जाएगा, जैसा नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों में देखने को मिलता है।
-
तेजी से होगी आसपास का विकास
परियोजना का असर शिक्षा तक ही सीमित नहीं रहेगा। विद्यालय के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण कार्य में मजदूरों और तकनीकी कर्मचारियों को काम मिलेगा, वहीं भविष्य में विद्यालय के संचालन से शिक्षकों, कर्मचारियों और सहायक सेवाओं में भी रोजगार सृजन होगा। इसके साथ ही ब्लॉक मुख्यालय क्षेत्र में परिवहन, स्टेशनरी, भोजनालय और छोटे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
-
भूकंपरोधी तकनीक से बनेगा विद्यालय
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय भवन का निर्माण भूकंपरोधी तकनीक से किया जाएगा। विद्यालय में आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की स्थापना भी की जाएगी। प्रांगण में फलदार, औषधियुक्त और छायादार पेड़-पौधों का रोपण किया जाएगा। प्रधानाध्यापक, अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए अलग आवासीय व्यवस्था विद्यालय प्रांगण में की जाएगी।
-
विद्यालय में ये रहेगी खास सुविधा
विद्यालय परिसर में ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टिविटी हाल का निर्माण होगा। वहीं विद्यालय में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। इनमें प्रत्येक कक्ष के लिए स्मार्ट क्लास, स्किल हब सेंटर, कक्षा एक से आठ के लिए कंपोजिट विज्ञान-गणित प्रयोगशाला, कक्षा नौ से 12 के लिए रसायन, भौतिक विज्ञान हेतु माड्यूलर प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब एवं लैंग्वेज लैब, कक्षा एक से आठ एवं कक्षा नौ से 12 के लिए अलग-अलग पुस्तकालय, खेल का मैदान व ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टिविटी हाल की सुविधा होगी। इसके साथ ही सोलर पैनल एवं वर्षा जल संचयन इकाई की स्थापना, आरओ एंड यूवी वाटर प्लांट, मिड डे मील, किचन व डायनिंग हाल, वाशिंग एरिया, मल्टीपल हैंडवाशिंग यूनिट की व्यवस्था होगी। साथ ही शिक्षक व शिक्षिकाओं के लिए अलग-अलग स्टाफ रूम भी बनाए जाने की योजना है।
इंदरीग्रांट गांव में मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय बनेगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था नामित होने के साथ ही प्रथम किश्त की धनराशि भी जारी हो गई है। गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करवाया जाएगा।
- शैलेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी