पौड़ी। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने जनपद के 15 विकास खंडों में शून्य से पांच साल तक के नौनिहालों के लिंगानुपात की जानकारी हासिल की। उन्होंने खिर्सू ब्लाक का लिंगानुपात सबसे कम रहने पर चिंता व्यक्त की। डीएम ने विभाग को न्यूनतम लिंगानुपात वाले विकासखंडों की स्थिति में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।
शनिवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी सुशील कुमार ने न्यूनतम लिंगानुपात वाले विकास खंडों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर स्वास्थ्य, पुलिस एवं राजस्व विभाग को अल्ट्रासाउंड केद्रों का निरीक्षण कर कार्रवाई करने को भी कहा। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को बेटी और बेटे की भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा। बैठक में जनपद के 15 विकास खंडों में शून्य से पांच साल तक के बच्चों का लिंगानुपात हजार बालकों पर 938 बालिकाएं होने पर चिंता व्यक्त की गई। लिंगानुपात रिपोर्ट 2017-18 के अनुसार थलीसैंण ब्लाक का लिंगानुपात सर्वाधिक 1101, एकेश्वर का 1081 तथा बीरोंखाल का 1020 है। जबकि खिर्सू 792, जयहरीखाल 822 तथा दुगड्डा 858 का सबसे कम लिंगानुपात है। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को पीसीपीएनडीटी अधिनियम की कानूनी जानकारियां सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ-साथ लोगों को भी देने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस जंगपांगी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनके त्यागी, डा. एचसीएच मर्तोलिया, उप जिलाधिकारी सदर केएस नेगी समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।