नरेंद्रनगर (टिहरी)। श्रीदेव सुमन चिकित्सालय की लड़खड़ाती व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के लोगों को मामूली बीमारी के उपचार के लिए 15 किमी दूर ऋषिकेश या फिर देहरादून जाना पड़ रहा है।
श्रीदेव सुमन चिकित्सालय में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। लगभग 22 करोड़ रुपये लागत का भवन बना हुआ है। अल्ट्रासाउंड भी है, लेकिन रेडियोलाजिस्ट नहीं है। दो साल पहले ब्लड बैंक भी बंद हो चुका है। चिकित्सालय में डाक्टरों के 20 पद सृजित हैं, जिनमें से 10 कार्यरत हैं और दस पद दो-तीन साल से रिक्त पड़े हुए हैं। सर्जन, पैथोलॉजिस्ट, ईएनटी सर्जन, चर्म रोग विशेषज्ञ का पद वर्षों से रिक्त चल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ भी दो माह से अवकाश पर चल रही है। विधायक सुबोध उनियाल का कहना है कि साल भर पहले पांच चिकित्सकों का स्थानांतरण सुमन चिकित्सालय में किया गया था, लेकिन एक भी चिकित्सक ने ज्वाइन नहीं किया है। सीएमएस डा. नीलम कंडारी का कहना है कि चिकित्सकों की रिक्त पदों के संबंध में हर माह शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।