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Una News: गगरेट नपं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव टला
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:10 AM IST
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गगरेट(ऊना)। नगर पंचायत गगरेट की सरदारी को लेकर बना सियासी कौतुहल शुक्रवार को और गहरा गया।
अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुलाई गई बैठक में एक भी पार्षद के उपस्थित न होने से चुनाव प्रक्रिया टल गई। इसके साथ ही नगर पंचायत के भीतर चल रही राजनीतिक रणनीतियों और जोड़-तोड़ को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है।
नगर पंचायत सचिव बलदेव कुमार ने बताया कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आयोजित बैठक में कोई भी पार्षद उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अगली बैठक 15 जून को आयोजित की जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि महज सात पार्षदों वाली नगर पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। अब 15 जून को होने वाली बैठक में समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
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नियमों के अनुसार अगली बैठक में चार पार्षदों का समर्थन किसी भी उम्मीदवार को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा। फिलहाल नगर पंचायत की सत्ता का गणित पूरी तरह खुला है। किसी भी पक्ष के पास स्पष्ट बढ़त दिखाई नहीं दे रही।
यही कारण है कि पहली बैठक से दूरी बनाए रखने को भी कई लोग राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इस चुनाव को भाजपा के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा और कांग्रेस विधायक राकेश कालिया के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
ऐसे में यह चुनाव स्थानीय निकाय का होने के बावजूद राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। अब भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों की नजरें सोमवार को होने वाली बैठक और चुनाव पर टिकी हुई हैं।
अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुलाई गई बैठक में एक भी पार्षद के उपस्थित न होने से चुनाव प्रक्रिया टल गई। इसके साथ ही नगर पंचायत के भीतर चल रही राजनीतिक रणनीतियों और जोड़-तोड़ को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है।
नगर पंचायत सचिव बलदेव कुमार ने बताया कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आयोजित बैठक में कोई भी पार्षद उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अगली बैठक 15 जून को आयोजित की जाएगी।
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दिलचस्प बात यह है कि महज सात पार्षदों वाली नगर पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। अब 15 जून को होने वाली बैठक में समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
नियमों के अनुसार अगली बैठक में चार पार्षदों का समर्थन किसी भी उम्मीदवार को अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा। फिलहाल नगर पंचायत की सत्ता का गणित पूरी तरह खुला है। किसी भी पक्ष के पास स्पष्ट बढ़त दिखाई नहीं दे रही।
यही कारण है कि पहली बैठक से दूरी बनाए रखने को भी कई लोग राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इस चुनाव को भाजपा के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा और कांग्रेस विधायक राकेश कालिया के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
ऐसे में यह चुनाव स्थानीय निकाय का होने के बावजूद राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। अब भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों की नजरें सोमवार को होने वाली बैठक और चुनाव पर टिकी हुई हैं।