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Una News: आसमान छू रहे तूड़ी के दाम, 1250 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंची कीमत
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 13 Jun 2026 06:59 AM IST
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हरोली के पंडोगा क्षेत्र में पंजाब से आई तूड़ी की खेप। संवाद
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ऊना। जिले में इन दिनों पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाली तूड़ी के दाम आसमान छू रहे हैं। बाजार में तूड़ी 1200 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है, जिससे पशुपालकों और किसानों की कमर टूट गई है। सामान्य दिनों में यही तूड़ी 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक आसानी से मिल जाती थी लेकिन इस बार दाम दोगुने से भी अधिक होने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।
पशुपालकों में अशोक कुमार, आशा रानी, सतविंद्र कौर, अनुराधा, मंजु बाला, यशपाल, तिलकराज, अमन सैनी का कहना है कि महंगे चारे के कारण पशुओं का पालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। खासतौर पर छोटे किसान और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोग आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। चारे पर बढ़ते खर्च का असर आने वाले दिनों में दूध के दामों पर भी देखने को मिल सकता है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार जिले में स्थानीय स्तर पर तूड़ी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। कई पशुपालकों को मजबूरी में पंजाब से तूड़ी मंगवानी पड़ रही है। स्थानीय पशुपालकों ने सरकार से मांग उठाई है कि पशु चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
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उपनिदेशक जिला पशुपालन विभाग डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने बताया कि पशुओं के लिए हरे चारे की कमी होने पर तूड़ी एक महत्वपूर्ण चारा है। इसकी कीमतें नियंत्रित करने को लेकर फिलहाल कोई नियम नहीं है। किसान गेहूं कटाई के दौरान ही तूड़ी का उचित स्टॉक जमा करने का प्रयास करें ताकि बाद में मनमानी कीमतों से छुटकारा मिल पाए।
पशुपालकों में अशोक कुमार, आशा रानी, सतविंद्र कौर, अनुराधा, मंजु बाला, यशपाल, तिलकराज, अमन सैनी का कहना है कि महंगे चारे के कारण पशुओं का पालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। खासतौर पर छोटे किसान और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोग आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। चारे पर बढ़ते खर्च का असर आने वाले दिनों में दूध के दामों पर भी देखने को मिल सकता है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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जानकारी के अनुसार जिले में स्थानीय स्तर पर तूड़ी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। कई पशुपालकों को मजबूरी में पंजाब से तूड़ी मंगवानी पड़ रही है। स्थानीय पशुपालकों ने सरकार से मांग उठाई है कि पशु चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
उपनिदेशक जिला पशुपालन विभाग डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने बताया कि पशुओं के लिए हरे चारे की कमी होने पर तूड़ी एक महत्वपूर्ण चारा है। इसकी कीमतें नियंत्रित करने को लेकर फिलहाल कोई नियम नहीं है। किसान गेहूं कटाई के दौरान ही तूड़ी का उचित स्टॉक जमा करने का प्रयास करें ताकि बाद में मनमानी कीमतों से छुटकारा मिल पाए।